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आज चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन करें मां ब्रह्मचारिणी की उपासना, जानें पूजा विधि और शुभ मंत्र

Updated at : 31 Mar 2025 8:32 AM (IST)
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Chaitra Navratri 2025 Day 2 today

Chaitra Navratri 2025 Day 2 today

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन मां दुर्गा के दूसरे रूप देवी ब्रह्मचारिणी की आराधना के लिए समर्पित है. मां ब्रह्मचारिणी अपने अनुयायियों को तप, त्याग और वैराग्य का मार्गदर्शन करती हैं. देवी सफेद वस्त्र पहनती हैं. उनके दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल है, और वे शांत तथा सरल स्वरूप में विराजमान हैं.

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Chaitra Navratri 2025 Day 2: चैत्र नवरात्रि का आज दूसरा दिन है, और इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप माता ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. माता के नाम में ही उनकी शक्तियों का संकेत मिलता है; ‘ब्रह्म’ का अर्थ तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ तप का पालन करने वाली है. हम माता ब्रह्मचारिणी को प्रणाम करते हैं. मां दुर्गा का यह स्वरूप भक्तों को दीर्घ आयु, सौभाग्य, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास प्रदान करता है. माता ब्रह्मचारिणी की उपासना से वैराग्य, सदाचार, तप, संयम, त्याग और तप की वृद्धि होती है. आइए, हम माता ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती के बारे में जानते हैं.

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि

  • मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आरंभ करने के लिए सबसे पहले प्रातःकाल स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • पूजा के दौरान सफेद या गुलाबी रंग के शुद्ध वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है.
  • घर के मंदिर को अच्छे से साफ कर लें.
  • मंदिर में मां की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें.
  • मां की प्रतिमा को कुमकुम, अक्षत और भोग अर्पित करें.
  • इसके बाद, मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का जाप करें.
  • अंत में, मां के चरणों में पुष्प अर्पित कर आरती गाएं.

मां ब्रह्मचारिणी पूजन मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः..

चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए पढ़ें ये आरती

मां ब्रह्मचारिणी प्रिय भोग

मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री और पंचामृत का भोग अत्यंत पसंद है. इसलिए, मां के लिए पंचामृत तैयार करके अर्पित करें. इसके साथ ही, आप मां को सफेद मिठाई या फल भी समर्पित कर सकते हैं.

नवरात्रि में लौंग चढ़ाने की प्रक्रिया

नवरात्रि के दौरान लौंग चढ़ाने का विशेष महत्व है. यह मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने, नकारात्मकता को समाप्त करने और सकारात्मकता को बढ़ाने में सहायक होता है. नवरात्रि के 9 दिनों तक, आप प्रत्येक शाम दीप में लौंग के एक जोड़े को डालकर दीप जलाएं और इसके धुएं को पूरे घर में फैलाएं. आरती के समय भी आप कपूर में लौंग के जोड़े को डालकर आरती कर सकते हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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