Bhakti Gyan: भगवान तक पहुंचने के ये हैं तीन सच्चे रास्ते, जानिए क्या है आपका मार्ग

Edited by Shaurya Punj
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Bhakti Gyan

Bhakti Gyan: भगवान की प्राप्ति हर आत्मा की गहन इच्छा होती है, और हिंदू दर्शन में इसके लिए तीन प्रमुख मार्ग बताए गए हैं – भक्ति, ज्ञान और कर्म. ये तीनों रास्ते अलग-अलग स्वभाव और प्रवृत्ति के अनुसार ईश्वर से जुड़ने का माध्यम बनते हैं। जानें, कौन-सा मार्ग आपके लिए उपयुक्त है.

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आर डी अग्रवाल प्रेमी

Bhakti Gyan: प्राचीन काल में भारतीय मनीषियों ने धर्म को वैज्ञानिक ढंग से समझने का प्रयत्न किया था. उन्होंने समझाया कि धर्म वह है, जिससे अभ्युदय और निःश्रेयस की सिद्धि हो –

यतो अभ्युदयनिःश्रेयससिद्धिः (कणाद, वैशेषिकसूत्र, 1.1.2) स धर्मः।

‘अभ्युदय’ से लौकिक उन्नति का तथा श्निः श्रेयस’ से पारलौकिक उन्नति एवं कल्याण का बोध होता है. अर्थात जीवन के ऐहिक और पारलौकिक दोनों पक्षों से धर्म को जोड़ा गया था. धर्म शब्द का अर्थ अत्यंत गहन और विशाल है. इसके अंतर्गत मानव जीवन के उच्चतम विकास के साधनों और नियमों का समावेश होता है.

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धर्म कोई उपासना पद्धति न होकर एक विराट और विलक्षण जीवन-पद्धति है. यह दिखावा नहीं, दर्शन है. यह प्रदर्शन नहीं, प्रयोग है. यह चिकित्सा है मनुष्य को आधि, व्याधि, उपाधि से मुक्त कर सार्थक जीवन तक पहुंचाने की. यह स्वयं द्वारा स्वयं की खोज है. धर्म, ज्ञान और आचरण की खिड़की खोलता है. धर्म, आदमी को पशुता से मानवता की ओर प्रेरित करता है. धर्म का सार जीवन में संयम का होना है.

भगवान को पाने के तीन रास्ते गीता में बताये गये हैं. इनमें पहला है- कर्म योग. दूसरा, ज्ञान और तीसरा, भक्ति योग. भगवान श्रीकृष्ण जब अर्जुन को इन तीनों तरीके के बारे में बताते हैं तब अर्जुन कहते हैं कि- वे इन तीनों रास्तों पर नहीं चल पायेंगे.

सत्य की खोज इसलिए आवश्यक है, क्योंकि सत्य ही जीवन है. आप सत्य की खोज की आवश्यकता महसूस नहीं करते, तो आप जीवन से ही विमुख हैं. मानव और पशु में भोग के विषय में तो समानता दिखाई देती है, लेकिन ज्ञान के विषय में वह पशु से बेहतर है.

ज्ञान और भक्ति जीवन को सुपथगामी बनाकर श्रेष्ठ मार्ग की ओर अग्रसित करती है. यदि किसी मनुष्य के जीवन में ज्ञान-भक्ति नहीं है, तो फिर निश्चित समझिए वो कुपथगामी है और जो कुपथगामी है, वही तो आसुरी प्रवृत्ति का भी है. जिस मनुष्य के जीवन में भक्ति नहीं तो फिर उसी मनुष्य का जीवन हिरण्यकशिपु की तरह असुरत्व प्रधान भी बन जाता है.

एक युवक प्रेम रावत जी के पास आया और पूछा, ‘मैं शांति की तलाश में हूं, कृपया मुझे शांति पाने का तरीका बताएं,’ प्रेम रावत जी बोले, ‘तुम्हें क्या लगता है कि शांति कहां मिलेगी?’ युवक ने कहा, ‘शायद पहाड़ों में, किसी आश्रम में या फिर किसी गुरु के पास.’ प्रेम रावत जी ने पास रखे एक गिलास में पानी डाला और उसे दिया. फिर पूछा, ‘क्या तुम्हें प्यास लगी थी?’ युवक ने का, ‘हां, बहुत प्यास लगी थी.’
‘और जब तुमने पानी पिया, तो प्यास बुझी?’ वह बोला, ‘हां, पूरी तरह से.

‘देखो, प्यास तुम्हारी थी, पानी तुम्हारे पास ही था, और उसे पीने का काम भी तुम्हें ही करना पड़ा. इसी तरह शांति बाहर नहीं, बल्कि तुम्हारे अंदर है. तुम्हें बस सही तरीके से उसे अनुभव करना होगा. इसके लिए आत्म-जागरूकता जरूरी है. जब तुम अपने भीतर ध्यान से देखोगे, अपनी सांसों, अपने अस्तित्व को समझोगे, तो तुम्हें वही शांति मिलेगी, जिसे तुम अब तक बाहर खोज रहे हो.’

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.

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