हनुमान भक्तों की लगेगी लॉटरी, 19 साल बाद ज्येष्ठ मास में होगा अद्भुत चमत्कार
बड़ा मंगल 2026
Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल का दुर्लभ संयोग हनुमान भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है. ज्येष्ठ मास में इस बार पूरे 8 बड़े मंगल पड़ेंगे, जो अद्भुत और पुण्यदायी अवसर है. बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल भी कहते है.
Bada Mangal 2026: हनुमान भक्तों के लिए एक अत्यंत दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. इस साल ज्येष्ठ मास में 4 या 5 नहीं, बल्कि पूरे 8 बड़े मंगल (बुढ़वा मंगल) पड़ेंगे. यह अद्भुत संयोग पूरे 19 साल बाद बन रहा है, जिससे पहले ऐसा अवसर 2007 में आया था. ज्येष्ठ मास 2 मई 2026 से शुरू होकर 29 जून 2026 तक चलेगा, इस दौरान पड़ने वाले सभी 8 बड़े मंगल की सूची इस प्रकार है-
8 बड़े मंगल की तारीखें 2026
- पहला बड़ा मंगलः 5 मई 2026
- दूसरा बड़ा मंगल: 12 मई 2026
- तीसरा बड़ा मंगलः 19 मई 2026
- चौथा बड़ा मंगल: 26 मई 2026
- पांचवां बड़ा मंगलः 2 जून 2026
- छठा बड़ा मंगलः 9 जून 2026
- सातवां बड़ा मंगलः 16 जून 2026
- आठवां बड़ा मंगलः 23 जून 2026
क्यों बन रहा है यह महासंयोग ?
इस दुर्लभ संयोग का मुख्य कारण वर्ष 2026 में होने वाला अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) है, इस बार अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा, जिससे ज्येष्ठ का पूरा महीना लगभग 60 दिनों (2 महीने) का होगा, इसी अतिरिक्त समय के कारण इस पावन महीने में मंगलवारों की संख्या दोगुनी (8) हो गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है. भक्त इन दिनों विशेष रूप से भंडारे आयोजित करते हैं और बजरंगबली के वृद्ध स्वरूप (बुढ़वा मंगल) की उपासना करते हैं.
क्या करें और क्या न करें
भंडारा: इस दिन विशेष रूप से शरबत और पूड़ी-सब्जी का भंडारा (प्रसाद वितरण) किया जाता है.
पूजा विधि: ज्येष्ठ माह में हनुमान जी की आराधना (हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर, चोला चढ़ाना) से मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
दानः पानी से भरे घड़े, छाता, सत्तू, पंखे और चरण पादुका का दान करें.
भोजनः सात्विक भोजन करें और दोपहर में सूर्य की तपिश से बचें.
वर्जित कार्यः इस महीने में दिन में सोने की मनाही है और दोपहर में यात्रा न करें, इसके साथ ही तामसिक भोजन से बचना चाहिए.
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लेखक के बारे में
By Radheshyam Kushwaha
राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.
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