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Aja Ekadashi 2024: कल मनाई जाएगी अजा एकादशी, यहां देख लें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Updated at : 28 Aug 2024 11:51 AM (IST)
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Aja Ekadashi 2024 इस दिन है अजा एकादशी, देखें पूजा विधि

Aja Ekadashi 2024 इस दिन है अजा एकादशी, देखें पूजा विधि

Aja Ekadashi 2024: भाद्रपद के महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अजा एकादशी कहते हैं. यहां जानें कब है ये दिन और इसका शुभ मुहूर्त क्या है.

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Aja Ekadashi 2024:हिंदू धर्म में एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन अजा एकादशी मनाई जाती है. यहां जानें ये त्योहार कब मनाया जाएगा, साथ ही इसकी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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अजा एकादशी किस दिन मनाया जाएगा ?

अजा एकादशी का व्रत भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन रखा जाता है. इस साल यह व्रत 29 अगस्‍त को है.

अजा एकादशी का शुभ मुहूर्त क्या है  ?

एकादशी तिथि 29 अगस्त को सुबह 01 बजकर 19 मिनट से 30 अगस्त को सुबह 01 बजकर 37 मिनट तक है. अजा एकादशी व्रत 29 अगस्त 2024 को मनाया जाएगा.

अजा एकादशी पूजा विधि

अन्य एकादशी के व्रत की ही तरह अजा एकादशी के व्रत के लिए भी सच्ची भावना से संकल्प लेने का विधान है.

इस दिन सुबह जल्दी उठे और अपने सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर, स्नान आदि के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें.

इसके बाद मंदिर की साफ़-सफाई कर उसमें लाल या पीला वस्त्र बिछाएं.

उस वस्त्र पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा या मूर्ति स्थापित करें.

अब इसके बाद प्रतिमा को गंगाजल का छिड़काव करें और उसे शुद्ध कर लें.

इसके बाद भगवान के सामने सच्चे मन से व्रत का संकल्प लें.

इसके बाद भगवान विष्णु जी की प्रतिमा के सामने धूप, दीप, नेवैद्य, फूल और फल अर्पित करें.

इस दौरान मां लक्ष्मी की भी पूजा किये जाने का परंपरा है, इसलिए लक्ष्मी मां को भी पूजा सामग्री अर्पित करें.

व्रत के दौरान व्रती को दिन भर उपवास रखना चाहिए. हालांकि अगर ऐसा संभव न हो तो फलाहार लिया जा सकता है.

इसके बाद सच्ची भावना से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर उनकी आरती करें.

इसके बाद शाम के समय उन्हें पंचमेवों से भोग लगाएं.

इस दौरान ध्यान रखें कि विष्णु जी को भोग लगाए जाने वाले भोजन में तुलसी का प्रयोग ज़रूर करें, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि तुलसी का प्रयोग करने से भगवान नारायण अति प्रसन्न होते हैं.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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