केसरिया हुआ बाजार, हरी हुई कलाइयां; कांवड़ियों के भगवा वस्त्र और महिलाओं के श्रृंगार की बढ़ी खरीदारी

सावन की आहट से सजा बाजार
सावन का महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है, और रांची के बाजार आस्था और उल्लास से सराबोर हैं. देवघर जैसी सजावट शिवालयों में है, वहीं बाजारों में कांवड़ियों के भगवा वस्त्रों और महिलाओं के श्रृंगार की वस्तुओं की भारी मांग है. बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल से लेकर शिवलिंग-नंदी की प्रतिमाएं तक बिक रही हैं. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी पूजा सामग्री 10-15 मिनट में उपलब्ध हो रही है.
रांचीः भगवान भोलेनाथ का मास 'सावन' 30 जुलाई से शुरू हो रहा है. शिवालयों में जहां रंग-रोगन और साज-सज्जा से देवघर जैसा दिव्य माहौल बनने लगा है, वहीं शहर के प्रमुख बाजार भी आस्था के चटख रंगों से खिल उठे है. बाजारों में एक तरफ जहां देवघर जाने वाले कांवडियों की चहल-पहल से भगता वस्त्रों की बहार है, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं के बीच हरी चूड़ियों और सोलह श्रृंगार की जबरदस्त खरीदारी चल रही है. बेलपत्र, धतूरा, गंगाजल, अगरबत्ती, धूप, कपूर, रूदाक्ष, पूजा वाली और शिवलिंग की माग बढ़ने लगी है. अब बदलते दौर में सावन की पूजा भी 'स्मार्ट' हो गई है. पारंपरिक दुकानों के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी बेलपत्र से लेकर सपूर्ण पूजन सामग्री 10 से 15 मिनट में पहुंचाई जा रही है.
स्लोगन लिखे कॉटन कुर्ते का नया फैशन
भगवा टी-शर्ट 200 से 600 तक की रेंज में उपलब्ध है, जो कॉटन और सिंथेटिक दोनों फैब्रिक में मिल रही है. भगवा कुर्ता-पायजामा 350 से 900 तक में उपलब्ध है, हाफ शर्ट 250 से शुरू है जबकि हाफ पेंट 350 से शुरू है. स्लोगन लिखे कॉटन कुर्ते की कीमत 250 से 450 तक है. गमछा 50 से 150 और झोला 80 से 200 तक में बिक रहा है.
बनारस से शिवलिंग तो जयपुर से मंगाए नंदी
पूजा सामग्री की दुकानों में भी सावन को लेकर विशेष तैयारी की गई है. पूजा सामग्री के अलावा शिवलिंग और नंदी की प्रतिमाएं भी मंगाई गई हैं. ये प्रतिमाएं पत्थर और मार्बल की हैं. शिवलिंग बनारस और नंदी जयपुर से मंगाए गए हैं. पत्थर के एक से पांच इंच के शिवलिंग 75 से 550 रुपये तक की रेंज में उपलब्ध हैं. वहीं, काइट मार्बल के एक से पांच इंच के शिवलिंग 150 से 750 रुपये तक में बिक रहे हैं. डोरंडा के एक पूजा दुकान संचालक ने बतावा कि सावन को लेकर शिवलिंग और नंदी विशेष रूप से मंगाए गए हैं. पत्थर के नंदी 50 से 300 तक में उपलब्ध हैं. इन्हें बनारस और जयपुर से खास सावन के लिए मंगाया गया है.
घुंघरू वाली चूड़ियां और भगवा टी-शर्ट का 'सावन ट्रेंड'
सावन को लेकर कॉस्मेटिक दुकानों से लेकर चूड़ियों की दुकानों तक महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी है. लेटेस्ट ट्रेड में घुंघरू वाली चूड़ियां सबसे अधिक पसंद की जा रही है. अपर बाजार के एक चूड़ी विक्रेता ने बताया कि धुंधरू वाली मेटल चूड़ी के साथ प्लेन हरी चूड़ियों की डिमांड अधिक है. हरी प्लेन चूड़ियों के साथ धुंधरू वाली मेटल चूड़ी का सेंट बनवाकर खरीद रही है. घुंघरू वाली मेटल चूड़ी 100 रुपये प्रति डिब्बा है. प्लेन चूड़ियां 40 से 60 रुपये तक. दो पौस बाला और चार से आठ पीस वाली हरी चूड़ियों के डिब्बे 80 से 250 तक में बिक रहे हैं.
10 मिनट में बेलपत्र सावन पूजा भी 'स्मार्ट'
सावन को लेकर बाजार के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी तैयारी पूरी है. विभिन्न ऑनलाइन साइट पर बेलपत्र, अगरबती, धूप, कपूर, रुई की बाती, घी, शहद, फूल, नारियल काल, दूध, दही, गंगाजल, पूजा थाली, कलश, धतूरा, पान का पत्ता सहित अन्य पूजन सामग्री आसानी से उपलब्ध है. ऑर्डर करने पर यह सामग्री 10 से 15 मिनट में घर तक पहुंचायी जा रही है.
क्या कहते हैं देवघर जाने वाले श्रद्धालु
रांची स्थित डोरंडा के रहने वाले नितिन कुमार झा ने कहा कि वह पिछले चार साल से कांवर लेकर देवघर जा रहा है 10 से 12 लोगों का समूह रहता है, जो सुल्तानगंज से जल लेकर पैदल तीन से चार दिन में देवधर पहुंचते हैं. इस बार भी 30 तारीख को जाना है. वहीं, नगर पटेल के रहने वाले अमित कुमार ने कहा कि मैं 15 साल से देवधर जा रहा हूं. इस बार 15 अगस्त के बाद जाने की तैयारी है. बोलबम के लिए हमारा ग्रुप है, जो उत्साह और हौसला एक-दूसरे का बढ़ाते हुए यात्रा करता है. सावन में जबतक देवघर के लिए रवाना नहीं होते, तब तक प्रतिदिन पहाड़ी बाबा का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं.
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