रामनवमी पर हनुमान चालीसा के पाठ से हैं कई लाभ, यहां देखें

Published by : Shaurya Punj Updated At : 06 Apr 2025 4:10 AM

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Shri Ram Chalisa Path on Ram Navami

Ram Navami 2025 hanuman chalisa path: जिस तरह से राम जी और हनुमान जी में गहरा संबंध है, ठीक वैसे ही राम नवमी के दिन हनुमान चालीसा के पाठ से शुभफल मिलता है. आइए यहां जानें

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Ram Navami 2025, Hanuman Chalisa Path: रामनवमी हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान श्रीराम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है. यह पर्व चैत्र मास की नवमी तिथि को आता है और पूरे भारत में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन भक्तजन उपवास रखते हैं, मंदिरों में भजन-कीर्तन करते हैं और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा प्राप्त करते हैं. रामनवमी के इस पवित्र अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है.

हनुमान चालीसा का महत्व

हनुमान चालीसा एक भक्तिपूर्ण ग्रंथ है, जिसे गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है. इसमें भगवान हनुमान जी के गुण, पराक्रम, सेवा-भाव और श्रीराम की भक्ति का गहन वर्णन किया गया है. यह चालीस चौपाइयों का संग्रह है, जो भक्तों को जीवन के संकटों से उबारने, साहस, शक्ति और ज्ञान प्रदान करने की अद्वितीय क्षमता रखता है. ऐसा माना जाता है कि जो भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसके सभी दुख समाप्त हो जाते हैं.

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रामनवमी और हनुमान जी का संबंध

रामनवमी केवल भगवान श्रीराम के जन्म का उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस रामभक्ति की भी प्रतीक है जिसे हनुमान जी ने अपने जीवन में समर्पित किया. हनुमान जी को श्रीराम के सेवक, मित्र और भक्त के रूप में पहचाना जाता है. जब भक्त रामजी की पूजा करते हैं, तब हनुमान जी की उपस्थिति और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. यह दिन उन भक्तों के लिए विशेष रूप से शुभ होता है जो श्रीराम और हनुमान जी दोनों की कृपा की कामना करते हैं.
दोहा
श्रीगुरु चरन सरोज रज, निजमन मुकुरु सुधारि। बरनउं रघुबर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार। बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

राम दूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुण्डल कुँचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे।
कांधे मूंज जनेउ साजे।।

शंकर सुवन केसरी नंदन।
तेज प्रताप महा जग वंदन।।

बिद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचन्द्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्री रघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेश्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानु।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रच्छक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरे सब पीरा।
जपत निरन्तर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु संत के तुम रखवारे।।
असुर निकन्दन राम दुलारे।।

अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुह्मरे भजन राम को पावै।
जनम जनम के दुख बिसरावै।।

अंत काल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरिभक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

सङ्कट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जय जय जय हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बन्दि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महं डेरा।।

दोहा

पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

जय श्रीराम, जय हनुमान, जय हनुमान।

हनुमान चालीसा का पाठ करने की विधि

रामनवमी के अवसर पर, प्रातः स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान राम तथा हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के समक्ष दीप जलाएं. इसके पश्चात, श्रीराम का स्मरण करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करें. पाठ के दौरान एकाग्रता और श्रद्धा बनाए रखना आवश्यक है. यदि संभव हो, तो 7, 11 या 21 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है. अंत में, हनुमान जी को गुड़-चने या तुलसी पत्र अर्पित करें.

हनुमान चालीसा पाठ के लाभ

  • भय नाश: हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है. उनका नाम लेने से भय दूर होता है.
  • शक्ति और साहस: जीवन में आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए आत्मबल मिलता है.
  • एकाग्रता में वृद्धि: नियमित पाठ से चित्त शांत होता है और ध्यान केंद्रित होता है.
  • नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा: बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है.
  • कर्मों की शुद्धि: भक्त का मन, वचन और कर्म पवित्र होते हैं.
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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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