Paush Purnima 2026: आज यानी 3 जनवरी 2026, शनिवार को पौष पूर्णिमा की पावन तिथि है. आज का दिन भगवान विष्णु की आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि जो भी भक्त शुद्ध दिल से भगवान नारायण की पूजा करता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है. पूजा का समापन हमेशा आरती और भजन-कीर्तन के साथ करना चाहिए. इससे मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा वातावरण में फैलती है.
भगवान विष्णु आरती
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे।
जो ध्यावैफल पावै, दुख बिनसेमन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का।
ॐ जय जगदीश हरे।।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी।
ॐ जय जगदीश हरे।।
तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी।
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी।
ॐ जय जगदीश हरे।।
तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता।
ॐ जय जगदीश हरे।।
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैंकुमति।
ॐ जय जगदीश हरे।।
दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे।
ॐ जय जगदीश हरे।।
विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा।
ॐ जय जगदीश हरे।।
तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ हैतेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागेमेरा।
ॐ जय जगदीश हरे।।
जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे।
ॐ जय जगदीश हरे।।
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