अब नये रास्‍ते से कैलाश मानसरोवर यात्रा !

Updated at : 04 Sep 2014 8:16 AM (IST)
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अब नये रास्‍ते से कैलाश मानसरोवर यात्रा !

बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अपनी आगामी भारत यात्रा के दौरान कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वालों के लिए सिक्किम से होकर जाने वाले एक नये सुरक्षित मार्ग (नाथूला सीमा बिंदु) को खोलने की घोषणा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल जुलाई में ब्राजील के फोर्टालेजा में शी के साथ […]

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बीजिंग : चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग अपनी आगामी भारत यात्रा के दौरान कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने वालों के लिए सिक्किम से होकर जाने वाले एक नये सुरक्षित मार्ग (नाथूला सीमा बिंदु) को खोलने की घोषणा कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल जुलाई में ब्राजील के फोर्टालेजा में शी के साथ अपनी पहली मुलाकात में प्रस्ताव रखा था. चीन के अधिकारियों ने कहा कि प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार चल रहा है. शी का इस महीने के तीसरे सप्ताह में भारत यात्रा का कार्यक्रम है.

अधिकारियों का मानना है कि इससे सीमा विवाद की प्रकृति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. भारत कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए उत्तराखंड और नेपाल के मौजूदा रास्तों की कठिनाइयों के मद्देनजर दूसरा मार्ग चाहता है. इसमें 19500 फुट की ऊंचाई पर कठिन यात्रा करनी होती है.

* प्रस्तावित रास्ता

सिक्किम में नाथू ला सीमा बिंदु से मार्ग खुलने से यह यात्रा थोड़ी सुगम हो सकती है, क्योंकि तीर्थयात्री मानसरोवर और कैलाश तक सीधे वाहनों से जा सकते हैं. वैसे यह नया रास्ता लंबा है, जिसमें नाथू ला से शिगत्से ( शिगाजे) तक की यात्रा होगी. शिगत्से प्रांतीय राजधानी ल्हासा के बाद तिब्बत का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहां से तीर्थयात्री आसानी से मानसरोवर और कैलाश तक जा सकते हैं. हाल ही में चीन से यात्रा करने वाले भारतीयों ने कहा कि शिगत्से से मानसरोवर और कैलाश तक की सड़कें बहुत बढि़या हैं.

* वर्तमान रास्ता

फिलहाल विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित यात्रा का मार्ग लीपू दर्रे से जाता है. यह हिमालयी दर्रा तिब्बत के पुराने शहर तकलाकोट को उत्तराखंड के कुमायूं क्षेत्र से जोड़ता है. हाल ही में उत्तराखंड में बाढ़ से यह रास्ता बुरी तरह प्रभावित हो गया. टूर कंपनियां इसी यात्रा को नेपाल के रास्ते कराती हैं, जो इतनी ही कठिन है. वर्तमान में 22 दिन की इस यात्रा में हर साल 18 जत्थों में 1000 से अधिक तीर्थयात्री होते हैं.

– क्या होगा रूट

* नाथूला (सिक्किम) से शिगत्से (तिब्बत)

* फिर शिगत्से से कैलाश मानसरोवर

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