आज से फिर से गूंजेगी शहनाई, 23 दिनों में 13 से ज्यादा विवाह लग्न

Updated at : 17 Nov 2017 6:58 AM (IST)
विज्ञापन
आज से फिर से गूंजेगी शहनाई, 23 दिनों में 13 से ज्यादा विवाह लग्न

चार महीनों की खामोशी के बाद लग्न का दौर हुआ शुरू दीपावली-छठ के बाद अब एक बार शहनाई गूंजने लगेगी. इसका शुभ मुहूर्त 17 नवंबर यानी आज से शुरू हो रहा है. शादी और शुभ कार्यों में लगभग चार महीनों की खामोशी के बाद अब एक बार फिर से एक महीने के लिए बैंड बाजा […]

विज्ञापन
चार महीनों की खामोशी के बाद लग्न का दौर हुआ शुरू
दीपावली-छठ के बाद अब एक बार शहनाई गूंजने लगेगी. इसका शुभ मुहूर्त 17 नवंबर यानी आज से शुरू हो रहा है. शादी और शुभ कार्यों में लगभग चार महीनों की खामोशी के बाद अब एक बार फिर से एक महीने के लिए बैंड बाजा की गूंज सुनाई देगी.
आचार्य श्री पति त्रिपाठी ने बताया कि देवोत्थान एकादशी को भगवान शयन के बाद जगते हैं. इसके साथ ही शुभ कार्यों का समय काल शुरू हो जाता है. सूर्य वृश्चिक राशि में जैसे ही प्रवेश करेंगे, उसी के साथ ही शादी ब्याह का लगन शुरू हो जायेगा. हरिप्रबेाधनी एकादशी पर तुलसी विवाह के साथ ही तीन माह से शहनाई पर लगा ब्रेक हट गया और अब शादी का सीजन आ गया है. इस बार लग्न तो अधिक है लेकिन विशेष तिथि वाले कम हैं. इसमें कुछ तिथियों पर तो विशेष संयोग बन रहे हैं, जिस पर एक ही दिन में कई शादियां है.
कार्तिक में विष्णु को जगाने की है परंपरा : कार्तिक माह में श्री हरि विष्णु को जगाने की परंपरा है. तीन माह तक वह क्षीर सागर में शयन करते हैं. उन्हें हरि प्रबोधिनी एकादशी पर जगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है.इसके लिए कार्तिक मास में महीने भर से दीपदान, पूजन-अर्चना और अनुष्ठान चल किया जाता है. परंपरा के अनुसार मंगलवार को भगवान विष्णु का तुलसी से विवाह
कराया गया.
23 दिनों में 13 से ज्यादा विवाह लग्न
पं त्रिपाठी ने बताया कि देवोत्थान एकादशी से शुरू होने वाली लगन की धूम इस बार 10 दिसंबर तक रहेगी. लगभग 23 दिन में ही इस बार 13 विवाह लग्न रहेंगे जिनमें काफी शादियां होगी. उन्होंने बताया कि इसके बाद इन पर ब्रेक लग जाएगा. जुलाई महीने में देवशयनी एकादशी के बाद 3 जुलाई से 17 नवंबर तक सभी मांगलिक कार्य बंद हो गये थे जो अब शुरू हो गये हैं.
इस मुहूर्त देरी से शुरू होने का बड़ा कारण गुरु और शुक्र ग्रहों का अस्त रहना है. ये दोनों ग्रह विवाह के कारक ग्रह हैं. जब तक ये अस्त रहते हैं कोई भी मांगलिक कार्य नहीं हो पाता है. सूर्य के 17 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के बाद वैवाहिक मुहूर्त आ जायेगा जो 10 दिसंबर तक चलेगा.
शुभ लग्न
नवंबर- 17 नवंबर, 19, 20, 21, 22, 23 नवंबर, 28 व 29 नवंबर
दिसंबर- 3-4 दिसंबर, 8, 9 और 10 नवंबर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola