Super Moon 2020: कल दिखेगा इस साल का अंतिम सुपरमून, जानिए देखने का समय और प्रभाव

Author : Radheshyam Kushwaha Published by : Prabhat Khabar Updated At : 06 May 2020 2:58 PM

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Super Moon 2020: इस साल 2020 का आखिरी सुपरमून (Supermoon) कल 7 मई को दिखेगा. कल ही वैशाख मास की बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) भी है. कल सुपरमून शाम 4:15 बजे अपने पूरे प्रभाव में दिखाई देगा. इस बार सुपरमून भारत में नहीं देखा जा सकता है.

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Super Moon 2020: इस साल 2020 का आखिरी सुपरमून (Supermoon) कल 7 मई को दिखेगा. कल ही वैशाख मास की बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) भी है. कल सुपरमून शाम 4:15 बजे अपने पूरे प्रभाव में दिखाई देगा. इस बार सुपरमून भारत में नहीं देखा जा सकता है. क्योंकि भारत में शाम सवा चार बजे उजाला रहता है. इसलिए यहां के लोग इस सुपर फ्लॉवर मून (Super Flower Moon) का नजारा नहीं देख पायेंगे. 2020 का अंतिम सुपरमून (सुपर फ्लॉवर मून) शाम 4:15 बजे भारत में दिखाई देगा, उस समय आकाश में उजाला रहेगा. हालांकि ऑनलाइन वेबसाइटों पर इसे आराम से घर बैठे लाइव देखा जा सकेगा. सुपरमून इससे पहले अप्रैल में दिखाई दिया था और इसे सुपर पिंक मून कहा गया.

कल पृथ्वी के सबसे करीब होंगे चंद्रमा

कल धरती के सबसे करीब चंद्रमा होंगे. विज्ञान के अनुसार एक सुपरमून ऑर्बिट पृथ्वी के सबसे करीब होता है. हमारे ग्रह यानी पृथ्वी के ज्यादा नज़दीक होने के कारण, चंद्रमा बहुत बड़ा और चमकीला दिखाई देता है. 7 मई (कल) को दिखाई देने वाला सुपरमून हमारे ग्रह से 3,61,184 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है और आमतौर पर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच औसत दूरी 384,400 किलोमीटर की होती है. ये जरूरी नहीं है कि हर पूर्णिमा के दिन सुपरमून होता है. हमें पूरा चंद्रमा तब भी दिखाई दे सकता है, जब वह हमारे ग्रह से अधिक दूरी पर स्थित हो.

परंपरागत रूप से फुल मून का नाम अमेरिकी मौसमों, फूलों और क्षेत्रों के नाम पर रखा गया है, जो पहली बार Maine Farmer’s Almanac में प्रकाशित हुए थे. प्रकाशन के अनुसार, उत्तरी अमेरिका में एलगोनक्विन जनजाति ने मई के पूर्णिमा (जो वसंत के मौसम की दूसरी पूर्णिमा भी है) का नाम फ्लॉवर मून इसलिए रखा, क्योंकि साल के इस समय के आसपास बेहद बड़ी संख्या में फूल खिलते हैं. इस महीने की पूर्णिमा के अन्य नामों में कॉर्न प्लांटिंग मून और मिल्क मून भी शामिल है.

इस साल का यह अंतिम सूपर मून है, इसलिए इस अवसर को छोड़ना नहीं चाहिए, चन्द्रमा के पेरीगी स्तिथि में पहुंचने के ठीक 19 घंटे और 45 मिनट के बाद दोपहर 4:15 पर चन्द्रमा की पूर्णिमा की अवस्था आएगी. इसलिए हमें सुपर मून को देखने के लिए गुरुवार की रात का इंतजार करना होगा. पारंपरिक रूप से मई पूर्णिमा को दूधिया चंद्रमा यानी मिल्क मून कहा जाता है. वहीं, इस साल इसे सुपर मिल्क मून कहा जाएगा क्योंकि ये पूर्णिमा के दिन दिखाई देने वाला सुपरमून होगा.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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