ePaper

झारखंड की 36 जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को सीएम हेमंत सोरेन ने दी मंजूरी, राज्य के लोगों को होगा ये लाभ

Updated at : 23 Aug 2020 6:50 AM (IST)
विज्ञापन
झारखंड की 36 जातियों को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को सीएम हेमंत सोरेन ने दी मंजूरी, राज्य के लोगों को होगा ये लाभ

झारखंड की 36 जातियों को केंद्र सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजने की मंजूरी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दे दी है. मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को शनिवार (21 अगस्त, 2020) को मंजूरी दी. प्रस्ताव केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा जायेगा. झारखंड में ये सभी जातियां बीसी-1 और बीसी-2 में शामिल हैं.

विज्ञापन

रांची : झारखंड की 36 जातियों को केंद्र सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजने की मंजूरी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दे दी है. मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को शनिवार (21 अगस्त, 2020) को मंजूरी दी. प्रस्ताव केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा जायेगा. झारखंड में ये सभी जातियां बीसी-1 और बीसी-2 में शामिल हैं.

केंद्रीय ओबीसी की सूची में शामिल नहीं होने के कारण इन जाति के लोगों को केंद्र सरकार और केंद्रीय उपक्रमों की नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं मिलता है. इन जातियों को केंद्र सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल कर लिये जाने के बाद झारखंड की इन जातियों के युवाओं को भी केंद्र की नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलने लगेगा.

Also Read: गांव नहीं है झारखंड के सारंडा जंगल में बसा ‘रांगरिंग’, रोचक है इस गांव के बसने का इतिहास
इन जातियों के नाम भेजेगी सरकार

मंत्रालय को भेजे जा रहे प्रस्ताव में कुड़मी, माहिस्य, मगदा-गौड़ महाकुड़/गोप, ग्वाला, चंद्रवंशी/ रवानी, हजाम, बारी, बागची, राजभट (मुस्लिम), शाह, फकीर, मदार, देवान, शेख, कुम्हार/ कुंभकार, सोय, तिली /एकादश तिली /द्वादश टिली /एकादश तेली/ द्वादश तेली, वागाल/ खंडवाल खंडुवाल खंडाइत, खैरा, परघा/ परीधा/पैरधा / पलीआर, मड़ैया, कुलु/गोराई, सुंडी, वीयार, वेश बनिया एवं एकादश बनिया, ग्वाला (मुस्लिम), जदुपतिया, गोसाई, गिरि सन्यासी ,अतित, अतिथ, परथा, बनिया( रॉकी एवं बियाहूत कलवार, जायसवाल, जैशवार, कमलापुरी, वैश्य, बनिया, माहुरी, वैश्य, बंगी वैश्य, वर्णवाल, गधबनिक/ गधबनिया /ओमर /उमर वैश्य /वर्णवाल/गंधबनिया / गंधबनिक/ ओमर/उमर वैश्य/ बनिया / बनवार), घासी महाकुल/ म्हकुल, सुवर्ण वणिक अष्टलोही कर्मकार, स्वर्णकार, सूत्रधार, जैसवार कुर्मी व चंदेल कुर्मी, राजभाट / ब्रह्मभाट, वैष्णव, पाइक, चासा, क्याली व मलिक (मुस्लिम) जाति को केंद्रीय ओबीसी सूची में शामिल करने का आग्रह किया जा रहा है.

Also Read: हेमंत सोरेन ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी : मुंडारी, हो एवं उरांव/ कुड़ुख जनजातीय भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करें

Posted By : Mithilesh Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola