19.5 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

HEC की खराब आर्थिक स्थिति के कारण आवासीय परिसर की सुंदरता हो जा रही खत्म, 170 से अधिक क्वार्टर जर्जर

एचइसी प्रबंधन इन क्वार्टरों की मरम्मत करीब 30 वर्षों से नहीं करा रहा है. इसमें रहने वाले लोग खुद अपने पैसे से मरम्मत कराते हैं. एचइसी के क्वार्टरों का निर्माण 60 के दशक में हुआ था

रांची : एचइसी की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण एचइसी आवासीय परिसर की सुंदरता भी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. रखरखाव के अभाव में एचइसी के 170 से अधिक क्वार्टर जर्जर हो गये हैं. पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास बी टाइप में 50 आवास, धुर्वा में 70 एसटी/डीटी आवास व सेक्टर तीन में वेलनेस सेंटर के पास 50 आवास को कंडम घोषित कर दिया गया है. इन क्वार्टरों में न तो दरवाजे हैं और न ही खिड़की. हालांकि, कुछ क्वार्टरों में लोग अनधिकृत रूप से रह रहे हैं. ऐसे में हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता है. वहीं प्रबंधन को भी मालूम नहीं है कि किस तरह के लोग इन क्वार्टरों में रहते हैं.

वहीं, जो क्वार्टर लीज जोन में नहीं हैं, उनकी हालत भी खराब है. एचइसी प्रबंधन इन क्वार्टरों की मरम्मत करीब 30 वर्षों से नहीं करा रहा है. इसमें रहने वाले लोग खुद अपने पैसे से मरम्मत कराते हैं. एचइसी के क्वार्टरों का निर्माण 60 के दशक में हुआ था. उस समय स्थायी और अस्थायी क्वार्टर बने थे. शुरुआत में नियमित रूप से क्वार्टरों का रखरखाव किया जाता था. लेकिन, आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण 80 के दशक के बाद से क्वार्टरों की मरम्मत का काम पूरी तरह बंद कर दिया गया. वहीं, प्रबंधन द्वारा क्वार्टरों में जलापूर्ति, नालियों की सफाई और बिजली संबंधी कार्य भी नहीं कराया जाता है.

Also Read: HEC रांची के कर्मियों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों को बंधक बनाया तो CISF ने किया लाठीचार्ज, धरने पर बैठे कर्मी
शुल्क लेने के बाद भी मेंटेनेंस नहीं कराता है प्रबंधन:

एचइसी के करीब सात हजार क्वार्टर को कर्मचारियों और पूर्व कर्मचारियों को लीज पर दिया गया है. इन क्वार्टरों से प्रबंधन हर साल रखरखाव शुल्क लेता है. इसके बावजूद मेंटेनेंस नहीं कराता है. इन क्वार्टरों को 99 साल के लिए लीज पर दिया गया है. हर 30 साल बाद इसका नवीकरण किया जाना है. अभी तक सभी का लीज एग्रीमेंट नहीं किया गया है. लीज एग्रीमेंट नहीं किये जाने से भी क्वार्टर लेने वाले परेशान हैं.

प्रबंधन के पास नहीं है योजना : भवन सिंह : हटिया मजदूर यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने कहा कि प्रबंधन के पास कोई योजना नहीं है. जर्जर आवास की मरम्मत कर अगर निजी कंपनियों को दिया जाये, जो कंपनी को प्रतिमाह लाखों रुपये मिलेंगे. प्रबंधन ने छह माह पूर्व खाली आवासों के मूल्यांकन के लिए निविदा निकालने का निर्णय लिया था. लेकिन, अधिकारियों की उदासीनता के कारण आज तक निविदा नहीं निकाली गयी. जबकि, कई पीएसयू कंपनियों ने कार्यालय के लिए एचइसी को आवेदन दिया है.

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel