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झारखंड: ईडी की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं जेल अधीक्षक हामिद अख्तर, दीपावली के बाद फिर हो सकती है पूछताछ

Updated at : 10 Nov 2023 7:08 AM (IST)
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झारखंड: ईडी की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं जेल अधीक्षक हामिद अख्तर, दीपावली के बाद फिर हो सकती है पूछताछ

ईडी का समन मिलने पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के अधीक्षक हामिद अख्तर दिन के करीब 11:30 बजे ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर हुए. ईडी के अधिकारियों ने उनसे जेल में रची गयी साजिश के बारे में पूछा.

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रांची : ईडी के अधिकारियों व गवाहों के खिलाफ बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में रची गयी साजिश के बारे में जेल अधीक्षक हामिद अख्तर सही-सही जानकारी नहीं दे रहे हैं. वह जांच में सहयोग भी नहीं कर रहे हैं. साथ ही जांच को भटकाने के उद्देश्य से अपना बयान भी दर्ज करा रहे हैं. अपने बयान में वह छापामारी और प्रारंभिक जांच में मिले तथ्यों को लेकर अनभिज्ञता जता रहे हैं. हालांकि, जेल में रची गयी साजिश के मामले में सारी जवाबदेही उन्हीं की है. इसे देखते हुए और गुरुवार को पूछताछ के दौरान अपनाये गये रवैये की वजह से उन्हें दीपावली बाद फिर से पूछताछ के लिए बुलाये जाने की संभावना है. उनसे इससे पहले भी कई चरणों में दूसरे मामले में पूछताछ की जा चुकी है.

ईडी का समन मिलने पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा के अधीक्षक हामिद अख्तर दिन के करीब 11:30 बजे इडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर हुए. ईडी के अधिकारियों ने उनसे जेल में रची गयी साजिश के बारे में पूछा. साथ ही जेल मैनुअल के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारी के अलावा उन गतिविधियों की भी जानकारी मांगी गयी, जो पूरी तरह प्रतिबंधित हैं.

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जेल अधीक्षक ने अपनी जिम्मेदारी और प्रतिबंधित गतिविधियों की भी पूरी जानकारी नहीं दी. जेल में रची गयी साजिश के बारे में पूछे जाने पर वह खुद को निर्दोष और अनभिज्ञ बताते रहे. काफी देर बाद उन्होंने अपने बयान में जेल में हुई घटनाओं के सिलसिले में आधी-अधूरी जानकारी दी. उल्लेखनीय है कि कैदियों को गैरकानूनी तरीके से दी गयी सुविधाओं और सीसीटीवी फुटेज की मांग के सिलसिले में उनसे कई बार पूछताछ की जा चुकी है.

सीसीटीवी फुटेज मांगने पर उन्होंने पहले पीएमएलए कोर्ट में याचिका दायर की. पीएमएलए कोर्ट का फैसला इडी के पक्ष में आने के बाद उन्होंने उसे हाइकोर्ट में चुनौती दी. बाद में हाइकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली. इसके बाद सीसीटीवी फुटेज पीएमएलए कोर्ट के माध्यम से ईडी को सौंपी गयी. जेल अधीक्षक द्वारा शुरू की गयी इस कानूनी लड़ाई में लगे वक्त की वजह से वैसे सभी फुटेज स्वतः डिलीट हो गये, जिसकी तलाश ईडी को थी. इस मुद्दे पर पूछताछ के दौरान काफी मशक्कत के बाद उन्होंने उस वकील का नाम लिया, जिसके कहने पर सीसीटीवी के मामले में कानूनी लड़ाई शुरू की गयी थी.

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