राजस्थान : 'महिला शक्ति को आगे आना पड़ेगा', पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि जब भी अत्याचार और अन्याय चरम पर होता है तो महिला शक्ति को आगे आना पड़ता है.
Rajasthan Election : साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा के चुनाव होने है. ऐसे में जहां एक ओर कांग्रेस पार्टी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन कर दुबारा सत्ता में आना चाह रही है वहीं, भारतीय जनता पार्टी भी अपनी जान झोंके हुए है. हालांकि, चुनाव के नजरिए से आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि जब भी अत्याचार और अन्याय चरम पर होता है तो महिला शक्ति को आगे आना पड़ता है. साथ ही वसुंधरा राजे ने कहा है कि जब देवता असहाय हो गए, तो देवी मां ने स्वयं महिषासुरमर्दिनी का रूप धारण करके महिषासुर का वध किया. महिलाएं अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए चंडी का रूप धारण करती हैं.
वह यहां धर्म रक्षा समिति द्वारा आयोजित मातृशक्ति समागम कार्यक्रम में बोल रही थीं. उन्होंने कहा, “आज हर जगह महिलाओं के अपमान की खबरें सुनने को मिल रही हैं. नारी शक्ति का हर कदम पर अपमान हो रहा है, महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहे हैं. अब इससे निपटने के लिए ‘मातृशक्ति’ को आगे आना होगा.’’ उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की.
वसुंधरा राजे का बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण हैं जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पिछले चुनावो की तरह इस बार अभी तक आगामी विधानसभा चुनाव के लिये मुख्यमंत्री का कोई चेहरा घोषित नहीं किया है. 2003 से वसुंधरा राजे राजस्थान में भाजपा पार्टी की मुख्यमंत्री पद के लिये उम्मीदवार थीं, लेकिन अंदरूनी कलह के कारण पार्टी ने मोदी के चेहरे पर विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है.
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पार्टी ने प्रदेश के चार अलग-अलग स्थानों सें परिवर्तन यात्राएं शुरू की थीं. हर यात्रा का एक केंद्रीय नेता ने आगाज किया था. चारों यात्राओं के शुभारंभ के मौके पर राजे मौजूद रहीं. हालांकि, इन रैलियों के दौरान उन्होंने सार्वजनिक रैलियों और अन्य कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखी. यात्राएं सोमवार को जयपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सार्वजनिक बैठक के साथ समाप्त होंगी.
वहीं, बीते दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्ता में आने पर कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करेगी. उन्होंने कहा कि विधेयक को लागू करने में फिलहाल कोई बड़ी कानूनी पेचीदगी नहीं है लेकिन मोदी सरकार अगले 10 साल की बात कर रही है. संसद में विधेयक का समर्थन करते हुए कांग्रेस ने मांग की थी कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए ‘कोटा’ शामिल किया जाए.
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, ‘‘हमारा वादा यही है 2024 में हमारी (केंद्र में) सरकार आएगी तो हम पहला काम करेंगे कि (विधेयक में) संशोधन करेंगे .” महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करने वाला संविधान (128वां संशोधन) विधेयक इस सप्ताह की शुरुआत में संसद द्वारा पारित किया गया था. मल्लिकार्जुन खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि नए संसद भवन के शिलान्यास के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को आमंत्रित नहीं किया गया क्योंकि वह “अछूत” हैं.
उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति की जाति का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘उनको (रामनाथ कोविंद को) शिलान्यास के वक्त भी नहीं बुलाया गया क्योंकि वह अछूत हैं. अगर अछूत के हाथ से आधारशिला रखवाते तो स्वाभाविक है कि उसे गंगाजल से धोना पड़ता.’’ जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, जबकि अभिनेताओं सहित कई अन्य लोगों को आमंत्रित किया गया था.उन्होंने कहा, “यह राष्ट्रपति का अपमान है.”
सोर्स : भाषा इनपुट
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By Aditya kumar
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