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Atique Ahmed: माफिया अतीक चार साल बाद पहुंचा प्रयागराज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भेजा गया था गुजरात की जेल

Updated at : 27 Mar 2023 7:40 PM (IST)
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Atique Ahmed: माफिया अतीक चार साल बाद पहुंचा प्रयागराज, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भेजा गया था गुजरात की जेल

माफिया अतीक अहमद को अप्रैल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की किसी जेल में रखने का आदेश दिया था. लखनऊ के बिल्डर मोहित जायसवाल को देवरिया जेल में ले जाकर पीटने का मामला सामने आने को बाद यह आदेश जारी हुआ था.

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प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद लगभग चार साल बाद प्रयागराज पहुंचा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उसे अप्रैल 2019 में गुजरात की साबरमती जेल भेजा गया था. साबरमती जेल से उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रयागराज कोर्ट में पेशी होती थी. अब 28 मार्च को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को उमेश पाल के अपहरण के मामले में हो रही सुनवाई में शामिल होना है.

3 जून 2019 को भेजा गया  था साबरमती जेल

माफिया अतीक अहमद को अप्रैल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की किसी जेल में रखने का आदेश दिया था. लखनऊ के बिल्डर मोहित जायसवाल को देवरिया जेल में ले जाकर पीटने का मामला समाने आने को बाद यह आदेश जारी हुआ था. 3 जून 2019 को अतीक अहमद को विमान से अहमदाबाद ले जाया गया था. इसके बाद से अब माफिया अतीक प्रयागराज पहुंचा है.

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लखनऊ में हो चुकी है एक बार पेशी

लगभग एक साल पहले अतीक अहमद को राजू पाल हत्याकांड मामले में लखनऊ की कोर्ट में पेश किया गया था. तब भी उसे साबरमती जेल से लखनऊ लाया गया था. कोर्ट में पेशी के बाद उसने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ की थी.

जेलों में रहता है अतीक एंड कंपनी का राज

माफिया अतीक अहमद जिस भी जेल में जाता है, उसका वहां राज चलता है. रुपयों के दम पर वह जेल में अपनी सत्ता चलाता है. सिर्फ अतीक ही नहीं उसका पूरा गैंग जेल में अपनी मर्जी से रहता है और जो मन चाहता है वह करता है. देवरिया जेल में बिल्डर को ले जाकर मारना रहा हो या फिर बरेली जेल, सभी जगह उसकी मन की चली.

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अशरफ ने बरेली जेल से चलाया गैंग

उमेश पाल हत्याकांड मामले में बरेली जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ का सीधा हाथ रहा है. वह अपने गुर्गों से मिलते रहे. वाट्सएप कॉल से भी अपने लोगों से संपर्क किया. हरे-गुलाबी नोटों के दम पर अतीक एंड कंपनी ने जेल से अपने पूरे साम्राज्य का संचालन किया है.

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Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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