श्रमिकों का गुस्सा अचानक नहीं फूटा है, ये हैं बड़ी वजहें?

Published by :Rajneesh Anand
Published at :14 Apr 2026 5:38 PM (IST)
विज्ञापन
Noida Protests

नोएडा में श्रमिकों का प्रदर्शन

Noida Protests : नोएडा में हुआ श्रमिकों का प्रदर्शन सरकारों के लिए चेतावनी है. श्रमिकों का गुस्सा जिस अंदाज में फूटा है, वह यह स्पष्ट करता है कि श्रमिक अपने अधिकारों और मांगों के प्रति सचेत हैं. नोएडा के प्रदर्शन ने यह भी साबित किया है कि श्रमिकों की समस्याएं, किसी क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं हैं, वो एक देशव्यापी समस्या है. नए लेबर कोड के लागू होने के बाद श्रमिकों में असंतोष और उभरा है और वे यह कह रहे हैं कि यह कानून पर्याप्त नहीं है.

विज्ञापन

Noida Protests : नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बाद से अबतक 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है. गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने मंगलवार को बताया कि इस मामले में 7 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं. 13 तारीख को श्रमिकों के उग्र हुए प्रदर्शन को शांत करने के लिए गिरफ्तारियां की गई हैं, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर क्यों देश में कई जगहों पर श्रमिक आंदोलन कर रहे हैं.

क्यों बढ़ रहा है श्रमिकों का गुस्सा?

श्रमिकों का गुस्सा अचानक फूटा हो, यह बात सही नहीं है. श्रमिकों में काफी लंबे समय से असंतोष मौजूद है. इसकी सबसे बड़ी वजह है उनका वेतनमान और काम के घंटे. साल 2026 में देश के कई इलाकों से श्रमिकों के असंतोष की खबरें सामने आईं, जिनमें हरियाणा, बिहार और गुजरात में हुआ श्रमिकों का आंदोलन शामिल है. हर जगह श्रमिकों की शिकायतें एक ही तरह की हैं और सम्मानित वेतन ना मिलना सबसे बड़ी समस्या.

वेतनमान में वृद्धि सहित ये हैं श्रमिकों की मांगें

श्रमिकों की सबसे बड़ी समस्या उनका कम वेतन और बढ़ती हुई महंगाई है. महंगाई के इस जमाने में कम वेतन की वजह से श्रमिकों को जीवन की बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. इस वजह से वे ना तो खुद को और ना अपने परिवार को एक बेहतर जीवन दे सकते हैं. इस वजह से उनके अंदर एक असंतोष पैसा होता है. इसी वजह से वे अपने वेतनमान में वृद्धि की मांग कर रहे हैं. कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के तहत श्रमिकों की नियुक्ति करती हैं और उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिलती हैं, जबकि वे काम समान ही करते हैं. इसी वजह से श्रमिक वेतनमान में वृद्धि की मांग कर रहे हैं. साथ ही काम के घंटे निर्धारित करने और अतिरिक्त समय के लिए ओवरटाइम देने की मांग कर रहे हैं. इसके अतिरिक्त नौकरी की सुरक्षा जैसी मांगे भी श्रमिकों की हैं.

ये भी पढ़ें : राज्यों के नतीजे से तय होगी भाजपा की रणनीति

राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज गेंद की गति को समझ नहीं सके और आउट होते गए : रियान पराग

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola