ePaper

Ayodhya : अयोध्या में 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा धर्म ध्वज लहराएगा, जानिए खासियत

Updated at : 23 Nov 2025 3:01 PM (IST)
विज्ञापन
ayodhya ram mandir

अयोध्या राम मंदिर

Ayodhya : खास बात यह कि सारे ध्वज स्थायी रूप से हमेशा फहराते रहेंगे और उन्हें वर्ष में एक या दो बार तभी उतारा जायेगा, जब उन्हें बदलने की आवश्यकता महसूस होगी. प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हो सके, इसके लिए उसके दो सफल पूर्वाभ्यास भी किये गये हैं.

विज्ञापन

Ayodhya : आगामी मंगलवार को प्रधानमंत्री मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नवनिर्मित भव्य राममंदिर के मुख्य शिखर पर प्रस्तावित ध्वजारोहण के साक्षी बनने वाले अतिथियों को एक बार फिर मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह या दीपोत्सव जैसी अनुभूति हो सकती है. उन्हें इस अनुभूति से गुजारने के लिए यहां विभिन्न स्तरों पर की जा रही व्यवस्थाएं अब अपने अंतिम चरण में हैं.

प्रधानमंत्री द्वारा इस अवसर पर एक रोड शो भी करने की संभावना के मद्देनजर सरकारी अमले द्वारा इन तैयारियों को फुलप्रूफ बनाने की हर संभव कोशिश की जा रही है. हालांकि ध्वजारोहण समारोह कुछ देर का ही होगा और खबरों के अनुसार इसके लिए मंगलवार को दोपहर 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट के बीच का अभिजित मुहूर्त निर्धारित किया गया है, लेकिन तय कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री कई घंटे नगर में रहेंगे.समारोह में अनेक अन्य अतिथियों के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत भी होंगे.

प्रधानमंत्री मंदिर के 161 फुट ऊंचे मुख्य शिखर पर 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा ध्वज फहरायेंगे. इसके लिए मुख्य शिखर पर एक 42 फुट ऊंचा स्तंभ भी लगाया गया है. विशेषज्ञों के परामर्श से बेहद खास तरह से बनाये गये इस ध्वज में सूर्य और ओम के अतिरिक्त वृक्ष जैसे प्रतीक भी बने हैं. परिसर में बने अन्य मंदिरों के शिखर पर ओम अंकित त्रिकोणीय ध्वज फहरायेंगे, जो स्वाभाविक ही मुख्य शिखर के ध्वज से नीचे होंगे.

सारे ध्वज स्थायी

खास बात यह कि सारे ध्वज स्थायी रूप से हमेशा फहराते रहेंगे और उन्हें वर्ष में एक या दो बार तभी उतारा जायेगा, जब उन्हें बदलने की आवश्यकता महसूस होगी.

प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण का कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हो सके, इसके लिए उसके दो सफल पूर्वाभ्यास भी किये गये हैं. यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस दिन राम की नगरी के सारे मंदिरों पर भगवा ध्वज फहराता रहे.

छुट्टी की तारीख बदली

दूसरी ओर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सिखों के गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस पर 24 नवंबर को होने वाली छुट्टी की तारीख बदलकर 25 नवंबर कर दी है. मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी कर्मचारियों से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं, दर्शनार्थियों और तीर्थ यात्रियों से विनम्रता से पेश आने और उनकी सुविधा का ध्यान रखने को भी कहा है.

रामधुन गूंजेगी

अयोध्या नगर निगम ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम की मार्फत ऐसी व्यवस्था की है कि ध्वजारोहण समारोह के अवसर पर 24 व 25 नवंबर को समूची अयोध्या में रामधुन गूंजती रहे. इस रामधुन में भगवान राम की भक्ति से जुड़े भजन और हनुमान चालीसा को भी शामिल किया गया है. नगर निगम के अनुसार समारोह की समाप्ति के बाद भी यह रामधुन सुबह और शाम दो-दो घंटे बजती रहेगी.

उत्सव रैली

रविवार, 23 नवंबर को रामकथा पार्क से धर्म ध्वजारोहण उत्सव रैली निकाली गई, जो लता मंगेशकर चौक होते हुए ऐतिहासिक बिरला मंदिर जाकर संपन्न हुई. इससे पहले 20 नवम्बर को कलश यात्रा और प्रायश्चित्त पूजा के साथ श्री राम मंदिर ध्वजारोहण पूजन का अनुष्ठान शुरू हुआ, जिसके 21 यजमानों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ अनिल कुमार मिश्र मुख्य हैं. तय कार्यक्रम के अनुसार यह अनुष्ठान 24 नवम्बर को सम्पन्न होगा.

अगले दिन दर्शन

ध्वजारोहण समारोह के दिन आम श्रद्धालुओं के लिए राममंदिर पहुंचकर रामलला का दर्शन व पूजन संभव नहीं होगा, क्योंकि इसकी मनाही कर दी गई है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि इसके अगले दिन 26 नवंबर को मंदिर का गर्भगृह 16 घंटों से ज्यादा खुला रखा जायेगा, ताकि दर्शनार्थी और श्रद्धालु आसानी से दर्शन व पूजन कर सकें.

ये भी पढ़ें : New Labour Codes: अब 1 साल की नौकरी पर ही मिलेगा ग्रेच्युटी का फायदा, न्यूनतम वेतन सबके लिए

विज्ञापन
कृष्ण प्रताप सिंह

लेखक के बारे में

By कृष्ण प्रताप सिंह

कृष्ण प्रताप सिंह is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola