उत्तरकाशी सुरंग हादसा: जल्द आएगी खुशखबरी! ऑगर मशीन का सारा मलबा हटा, अब हाथ से खुदाई
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 27 Nov 2023 12:39 PM
Uttarkashi: Vertical drilling underway during the rescue operation to extract 41 workers trapped inside the under-construction Silkyara Bend-Barkot Tunnel, in Uttarkashi district, Sunday, Nov. 26, 2023. (PTI Photo/Arun Sharma) (PTI11_26_2023_000137A)
उत्तरकाशी सुरंग हादसे के बाद फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अब हाथ से ड्रिलिंग की जाएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पी के मिश्रा सोमवार को सिलक्यारा पहुंचे. जानें ताजा हालात

निर्माणाधीन सिलक्यारा-बड़कोट सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों के बाहर आने का इंतजार सभी को है. श्रमिकों के सुरक्षित बाहर आने के लिए लोग दुआएं कर रहे हैं. 12 नवंबर को हुए इस हादसे के बाद वहां पर लगातार राहत बचाव कार्य जारी है. बचाव कार्य में लगी एजेंसियां हर उस एंगल पर काम करने का प्रयास कर रही है जिससे मजदूरों को जल्द से जल्द सुरंग के बाहर लाया जा सके.
#WATCH | उत्तरकाशी(उत्तराखंड) सुरंग बचाव | माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने कहा, "… ऑगर मशीन का सारा मलबा हटा दिया गया है… मैन्युअल ड्रिलिंग संभवत: 3 घंटे बाद शुरू होगी… हमें 9 मीटर हाथ से सुरंग बनाने का काम करना है। यह काम जमीन के व्यवहार पर निर्भर करता है। जल्दी भी… pic.twitter.com/Acjrcz8s9Y
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 27, 2023

इस बीच माइक्रो टनलिंग विशेषज्ञ क्रिस कूपर ने जो बात कही है उससे उम्मीदों को बल मिला है. उन्होंने कहा है कि ऑगर मशीन का सारा मलबा हटा दिया गया है… मैन्युअल ड्रिलिंग संभवत: 3 घंटे बाद शुरू होगी… हमें 9 मीटर हाथ से सुरंग बनाने का काम करना है. यह काम जमीन के व्यवहार पर निर्भर करता है. जल्दी भी हो सकता है और थोड़ा लंबा भी हो सकता है…हमें विश्वास है कि हम इससे सफलता पूर्वक पूरा कर लेंगे.

सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए ऑप्शनल रास्ता तैयार किया गया. इसके लिए सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ‘ड्रिलिंग’ शुरू की गयी है. रविवार को करीब 20 मीटर खुदाई करने में सफलता प्राप्त हुई है. पिछले दो सप्ताह से फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए की जा रही ड्रिलिंग के दौरान मलबे में फंसे अमेरिकी ऑगर मशीन के शेष हिस्सों को भी आज निकालने में सफलता मिली है. फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए अब हाथ से ड्रिलिंग करने का काम किया जाएगा.

बचाव कार्य में लगी ऐजेंसिंयों का कहना था कि मलबे में हाथ से ड्रिलिंग कर उसमें पाइप डालने के लिए ऑगर मशीन के सभी हिस्सों को पहले बाहर निकाला जाना जरूरी था. बताया जा रहा है कि सुरंग में करीब 60 मीटर में मलबा फैला हुआ है. मलबे को भेदकर श्रमिकों तक पहुंचने के लिए अब 10-12 मीटर की ड्रिलिंग करना अभी बाकी है.
Also Read: उत्तरकाशी सुरंग हादसा: मजदूरों को सुरंग से बाहर आने में लगेंगे इतने दिन! मौसम ने बढ़ा दी टेंशन
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव पी के मिश्रा घटनास्थल पर चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए सोमवार को सिलक्यारा पहुंचे और हालात का जायजा लिया. सिलक्यारा स्थल पर मौजूद बीआरओ के पूर्व डीजी हरपाल सिंह ने कहा कि 31 मीटर तक वर्टिकल ‘ड्रिलिंग’ कर ली गई है.

आपको बता दें कि सुरंग में फंसे हुए श्रमिकों तक खाना पहुंचाया जा रहा है. मजदूरों तक छह इंच की पाइपलाइन के जरिए खाना,पानी, दवाइयां तथा अन्य जरूरी सामान भेजाने का काम किया जा रहा है. सोमवार को दस दिन का खाना श्रमिकों तक पहुंचाया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










