तेजस मामले में कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना- ‘चुनावी तस्वीरें खिंचवाने के उस्ताद’ बताया

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तेजस मामले में कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना- ‘चुनावी तस्वीरें खिंचवाने के उस्ताद’ बताया

जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘तेजस हमारी उस स्वदेशी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता एवं दक्षता के प्रति एक और सम्मान है जो दशकों से मजबूती के साथ तैयार की गई है.

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कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को तेजस विमान से उड़ान भरे जाने के बाद उन पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘चुनावी तस्वीरें खिंचवाने के उस्ताद’ को इस हल्के लड़ाकू विमान के लिए पहले की सरकारों के दौरान किए गए प्रयासों को भी स्वीकार करना चाहिए था. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि तेजस भारत की उस स्वदेशी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता एवं दक्षता के प्रति एक और सम्मान है जो दशकों से मजबूती के साथ तैयार की गई है.

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प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को तेजस विमान से उड़ान भरी और कहा कि इस अनुभव से देश की स्वदेशी क्षमताओं पर उनका भरोसा बढ़ा है. सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री ने एक पोस्ट में कहा, ‘तेजस से सफलतापूर्वक उड़ान भरी.’ जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘तेजस हमारी उस स्वदेशी वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता एवं दक्षता के प्रति एक और सम्मान है जो दशकों से मजबूती के साथ तैयार की गई है.

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तेजस को उस ‘एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी’ (एडीए) द्वारा तैयार किया गया है जिसे 1984 में स्थापित किया गया था और जिसने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरीज (एनएएल), भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना के साथ मिलकर काम किया.’ उन्होंने कहा, ‘हल्के लड़ाकू विमान के डिजाइन को छह साल बाद अंतिम रूप दिया गया. अंततः 2011 में परिचालन मंजूरी प्रदान की गई. निस्संदेह, कई अन्य महत्वपूर्ण मील के पत्थर भी हैं.’

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कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर दावा किया, ‘चुनावी फोटो-ऑप्स के मास्टर’ (चुनावी तस्वीरें खिंचवाने के उस्ताद) को 2014 से पहले के उन प्रयासों को स्वीकार करने में कुछ खर्च नहीं करना पड़ता जो उनके द्वारा श्रेय लिए जाने के संदर्भ में आवश्यक थे. अधिकारियों ने बताया कि इन तेजस विमानों की आपूर्ति फरवरी 2024 तक शुरू होनी निर्धारित है. उन्होंने कहा कि सरकार ने भारत की रक्षा तैयारियों और स्वदेशीकरण को बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिसमें तेजस लड़ाकू विमान भी शामिल है.

उन्होंने कहा कि विमान का पहला संस्करण 2016 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था और वर्तमान में, वायुसेना की दो स्क्वाड्रन एलसीए तेजस के साथ पूरी तरह से परिचालन में हैं।

अधिकारियों ने कहा कि एलसीए एमके 2 के विकास के लिए 9,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है जो एलसीए तेजस का अद्यतन एवं अधिक घातक संस्करण है।

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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