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पूरी दुनिया में फैले गूंज महोत्सव की 'अनुगूंज', सशक्त समाज का हो निर्माण : राज्यपाल रमेश बैस

Updated at : 18 Dec 2022 10:56 PM (IST)
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पूरी दुनिया में फैले गूंज महोत्सव की 'अनुगूंज', सशक्त समाज का हो निर्माण : राज्यपाल रमेश बैस

रांची के सिल्ली में तीन दिवसीय गूंज महोत्सव का आगाज हुआ. राज्यपाल रमेश बैस ने इस महोत्सव का उद्घाटन किया. इस मौके पर एक साथ 5001 छऊ नृत्य कलाकारों ने 'छऊ कार्निवाल' पेश कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में इसे दर्ज कराया. वहीं, ग्रामीण परिवेश के थीम पर सिल्ली हाट में करीब 100 स्टॉल भी लगाए गये.

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तीन दिवसीय गूंज महोत्सव की शुरुआत

रांची के सिल्ली में तीन दिवसीय गूंज महोत्सव की शुरुआत रविवार को हुई. झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने इस महोत्सव का उद्घाटन किया. उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि विकास के विविध आयाम से जुड़े गूंज महोत्सव में शामिल होकर प्रसन्नता हुई. कहा कि गूंज की ‘अनुगूंज’ पूरी दुनिया में फैले.

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महोत्सव का पहला दिन महिलाओं के नाम समर्पित

राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि महोत्सव का पहला दिन महिलाओं के नाम समर्पित है. जहां नारी की पूजा होती है. वहां देवताओं का वास होता है. महिलाओं को विकास की मुख्यधारा में जोड़े बिना सशक्त समाज की कल्पना नहीं की जा सकती. इसके साथ ही युवाओं और किसानों को बेहतर मुकाम देकर राज्य और देश को खुशहाल बनाया जा सकता है.  इस दिशा में गूंज का प्रयास सराहनीय है.

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छऊ नृत्य देखकर आनंदित हो उठे राज्यपाल

उन्होंने कहा कि छऊ कला को यूट्यूब पर देखा था. आज जीवंत रूप में सुंदर प्रदर्शन देखकर आह्लादित हूं. राज्यपाल ने सुदेश कुमार महतो के समाज के हर वर्गों के विकास और क्षमता निर्माण में किए जा रहे रचनात्मक और सृजनात्मक प्रयासों की तारीफ की. कहा कि सुदेश कुमार महतो ऊर्जावान हैं. सिल्ली के साथ राज्य को बेहतर बनाने की उनकी सोच और मंशा सफल हो. इससे पहले सिल्ली कॉलेज में उन्होंने उच्च स्तरीय लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर का ऑनलाइन शुभारंभ किया. स्टडी सेंटर का संचालन झारखंड स्टेट ओपेन यूनिवर्सिटी द्वारा किया जाएगा.  राज्यपाल के सिल्ली पहुंचने पर गूंज महोत्सव के संरक्षक पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो और अन्य अतिथियों ने स्वागत किया. रेड कारपेट पर राज्यपाल की अगवानी करते हुए मंच पर ले जाया गया. इस दौरान स्टेडियम में मौजूद  बड़ी तादाद में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और लोक कलाकारों ने महामहिम का ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच गर्मजोशी से स्वागत किया. झारखंड तीरंदाजी संघ की उपाध्यक्ष नेहा महतो ने शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो देकर राज्यपाल का स्वागत किया.  इसके साथ ही राज्यपाल एक साथ 5001 कलाकारों का ‘छऊ नृत्य कार्निवाल और 1500 युवाओं बच्चों का सांस्कृतिक प्रदर्शन देख भावविभोर हुए.

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विकास आधारित गूंज महोत्सव की यात्रा नये मोड़ पर : सुदेश कुमार महतो

इस मौके पर गूंज महोत्सव के संरक्षक सह विधायक सुदेश कुमार महतो ने कहा कि झारखंडी संस्कृति एवं परंपरा की विरासत का जतन करने की कोशिशों के साथ शुरू गूंज महोत्सव ने अपने यादगार सफर के साथ क्षेत्र के विकास और समाज के सशक्तीकरण में निर्णायक भूमिका अदा की है. इसके दारोमदार गूंज परिवार से जुड़े 74 हजार परिवार हैं.  महामहिम ने आज सिल्ली की धरती को सुशोभित करते हुए गूंज महोत्सव के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. यह महोत्सव जहां खुशियों का दूसरा नाम है, वहीं उनका मुख्य मकसद समाज के हर वर्ग का सशक्तीकरण करना है.

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इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ छऊ नृत्य

समारोह में शामिल इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सुब्रतो दास ने छऊ नृत्य को पारंपरिक नृत्य के तौर पर इस रिकॉर्ड्स में शामिल करने की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने सुदेश कुमार महतो को रिकॉर्ड्स से जुड़े मैडल पहनाया. उदघाटन के दिन (18 दिसंबर) को एक साथ 5001 छऊ नृत्य कलाकारों ने ‘छऊ कार्निवाल’ पेश किया. हजारों की भीड़ उन्हें एकटक निहारती रही. इनके अलावा 1500 युवाओं और बच्चों के सांस्कृतिक प्रदर्शन ने खूबसूरत समां बांध कर रख दिया. तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गूंजता रहा. पाइका नाच भी हुआ. इस दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की सुंदर लहरियों पर लोग मंत्रमुग्ध होते रहे.

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सिल्ली हाट में खुले स्टॉल, ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी

गूंज महोत्सव आयोजन स्थल (सिल्ली स्टेडियम) में ग्रामीण परिवेश के थीम पर सिल्ली हाट का निर्माण किया गया है.  इस हाट में लगभग 100 स्टॉल लगाए गए हैं. इन स्टॉल में ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट रही है. एसएचजी से जुड़ी महिलाओं ने भी कई स्टॉल लगाए हैं. महोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना है. आयोजन स्थल पर मेला लगा है. कई तरह के झूले लगे हैं. खेल-खिलौने और रोजमर्रा के सामानों के दुकानें सजी है. रंग-बिरंगे गुब्बारे और बैलून हवा में लहरा रहे हैं. चारों तरफ गहमागहमी है. मेले के साथ ही सामाजिक ताने-बाने के रिश्ते की डोर मजबूत होती दिख रही हैं.

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सिल्ली स्टेडियम परिसर में बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा

झारखंड आंदोलन के प्रणेता और लड़ो, पढ़ो और बड़ों का नारा देने वाले बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी. स्टेडियम परिसर में लगी उनकी प्रतिमा पर राज्यपाल रमेश बैस के साथ सुदेश कुमार महतो, रांची के सांसद संजय सेठ, आजसू  पार्टी के गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, विधायक लंबोदर महतो, पूर्व सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधुर मंसूरी, पद्मश्री छुटनी महतो, झारखंड तीरंदाजी संघ की वरीय उपाध्यक्ष नेहा महतो ने फूल माला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर सुदेश महतो ने झारखंड के नव निर्माण सशक्त समाज का आह्वान किया.

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Samir Ranjan

लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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