पटना नगर निगम बजट : हर वार्ड में दो जगह मिलेगी वाई-फाई की सुविधा, बनेगा ओपन जिम, जानिए बजट में और क्या मिला

बजट चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि चालू वित्तीय वर्ष में 1740 करोड़ रुपये का बजट था, जबकि केवल 650 करोड़ ही खर्च हो पाये. राशि की कमी के कारण हर महीने के लगभग 12 करोड़ की देनदारी बीते तीन-चार महीने से नहीं चुकायी जा सकी है.
पटना नगर निगम ने निगम बोर्ड के समक्ष शनिवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 2432 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया, जिसे व्यापक चर्चा के बाद निगम बोर्ड ने पास कर दिया. होटल लेमन ट्री में आयोजित निगम बोर्ड की बैठक में मेयर सीता साहू, नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर, डिप्टी मेयर रेशमी चंद्रवंशी, डाॅ आशीष सिन्हा और इंद्रदीप चंद्रवंशी समेत सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य और वार्ड पार्षद शामिल हुए. प्रस्तुत बजट में शहर की स्वच्छता और उससे संबंधित आधारभूत संरचना के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये दिये गये हैं. साथ ही कई लोक लुभावन प्रावधान भी किये गये हैं. हर वार्ड में दो-दो जगहों पर ओपेन वाइ-फाइ की सुविधा मिलेगी, पार्कों में ओपेन जिम का भी निर्माण किया जायेगा,निगम क्षेत्र में आने वाले सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और इ-लाइब्रेरी का निर्माण होगा. साथ ही स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण और सौर उर्जा का विकास होगा.
बजट पर चर्चा के दौरान सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डॉ आशीष सिन्हा ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक 216 करोड़ का राजस्व संग्रह हो चुका है, जो बीते पांच वर्षों में सर्वाधिक है. इसमें 108 करोड़ निरूपित राजस्व है, जिसमें 79.42 करोड़ हाेल्डिंग टैक्स और 29 करोड़ कचरा शुल्क है. 106.46 करोड़ स्टांप डयूटी और प्रोफेशनल टैक्स से वसूला गया है.
बजट चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि चालू वित्तीय वर्ष में 1740 करोड़ रुपये का बजट था, जबकि केवल 650 करोड़ ही खर्च हो पाये. राशि की कमी के कारण हर महीने के लगभग 12 करोड़ की देनदारी बीते तीन-चार महीने से नहीं चुकायी जा सकी है. इसके कारण वाहनों के पेट्रोल डीजल का बिल भी बकाया है. सफाई वाहनों की खराबी और जरूरत से कम होने का मुद्दा भी बजट पर चर्चा के दौरान उठा औैर सदस्यों ने सुझाव दिया कि वाहनों के रखरखाव के लिए एक स्पष्ट मेंटेनेंस पाॅलिसी बनायी जाये और वार्ड स्तर पर एक सफाई निरीक्षक को इसकी जिम्मेदारी दी जाये.
सभी 77 वार्ड के वार्ड पार्षदों को अपने कार्यालय के लिए जरूरी सामान खरीदने के लिए 25 हजार रुपये दिये जायेगे. साथ ही 50 हजार रुपये का लैपटॉप और 15 हजार रुपये का प्रिंटर भी दिये जायेंगे. वार्ड पार्षदों ने तीन स्टाफ की भी मांग की है, जिसमें एक कंप्यूटर ऑपरेटर, एक क्लर्क और मल्टी टास्किंग स्टाफ शामिल होगा. सशक्त स्थायी समिति के सदस्य इंद्रदीप चंद्रवंशी ने बताया कि उनकी इस मांग को पूरा करने पर सशक्त स्थायी समिति में सहमति बन चुकी है और जल्द ही आउटसोर्स के माध्यम से इसे पूरा करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया जायेगा. ऐसा होने पर वार्ड काउंसलर के पास भी लोग होल्डिंग टैक्स और अन्य रेवेन्यू जमा कर सकेंगे और इससे टैक्स की वसूली बढ़ेगी .साथ ही वार्ड काउंसलर के ट्रेनिंग और ट्रैवलिंग पर खर्च के लिए 1.75 करोड़ रुपये भी दिये गये हैं.
नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने धारा 36 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा नगर निगम में प्रतिनियुक्त अधिकारियों के वेतन को रोकने का निर्णय लिया है क्योंकि धारा 41 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा उनके वेतन भुगतान का प्रावधान है. सशक्त स्थायी समिति के इस निर्णय के कारण नगर निगम में प्रतिनियुक्त राज्य सरकार के अधिकारियों का वेतन अप्रैल माह से बंद हो जायेगा. नगर आयुक्त ने बजट चर्चा के दौरान इस निर्णय का विरोध भी किया. इस पर राज्य सरकार से मामले में परामर्श लेने का सुझाव दिया गया. अब राज्य सरकार मामले में जैसा निर्णय लेगी उसी के अनुरूप आगे वेतन भुगतान होगा .
पटना नगर निगम के पास वर्तमान में दो स्मोकगन हैं. अगले 10 दिनों में 10 स्मोकगन उसे और मिल जायेंगे और हर अंचल को दो दो स्मोकगन दे दिये जायेंगे. पूर्व उपमहापौर और वर्तमान पार्षद विनय कुमार पप्पू ने गांधी मैदान से उड़ने वाली धूल को पर्यावरण के लिए नुकसानदेह बताते हुए नियमित रूप से जल छिड़कने की सलाह दी.
कमांड कंट्रोल सेंटर का निर्माण होगा जहां से पूरे शहर की स्ट्रीट लाइट का स्वीच कंट्रोल होगा और उसे जलाया ओर बुझाया जा सकेगा. साथ ही जहां हर धर नल का जल नहीं पहुंचता, वहां पांच पांच सबमरसेबुल लगेगा.
बजट चर्चा में पार्षदों द्वारा स्मार्ट क्लासेज के लिए महज पांच करोड़ की राशि को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की मांग की गयी . इसपर सशक्त स्थायी समिति के सदस्य इंद्रदीप चंद्रवंशी ने कहा कि अभी कुछ स्कूलों में यह पायलट प्रोजेक्ट के रुप में शुरू की जायेगी और इसकी सफलता के बाद आगे राशि को और बढ़ाया जायेगा.
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मद-खर्च
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ओपेन वाइ-फाइ- सात करोड़
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पार्कों में ओपेन जिम – पांच करोड़
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स्मार्ट क्लास- पांच करोड़
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इ-लाइब्रेरी व लाइब्रेरी- 3.50 करोड़
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स्वास्थ्य केंद्र- 29.70 करोड़
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सौर उर्जा – पांच करोड़.
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डीजल या पेट्रोल चालित वाहनों का सीएनजी में परिवर्तन -10 करोड़
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नये सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद- 1.5 करोड़
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दीवारों की पेंटिंग- तीन करोड़
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शौचालय निर्माण-15 करोड़
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चेंबर और ढक्कन निर्माण – 10 करोड़
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मौर्यालोक स्थित निगम मुख्यालय में काॅफ्रेंस हॉल निर्माण- दो करोड़
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कदमकुआं में वेंडिंग जोन का निर्माण – 3.5 करोड़
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फव्वारों का निर्माण- पांच करोड़
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