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Mokama Gangwar: जेल के अंदर हाई पनिशमेंट सेल में था सोनू, रिहा होते ही अनंत सिंह पर कह दी ये बड़ी बात...

5 Jul, 2025 8:09 am
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mokama golikand| Accused Sonu released, as soon as he came out of jail he called Anant Singh an old man

अनंत सिंह और सोनू की तस्वीर

Mokama Gangwar: मोकामा गोलीकांड मामले में आरोपी सोनू उर्फ महात्मा को शुक्रवार शाम भागलपुर कोर्ट से जमानत पर रिहाई मिल गई. जेल से बाहर आते ही सोनू ने जेल प्रशासन पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हाई पनिशमेंट सेल में रखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

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Mokama Gangwar: मोकामा गोलीकांड मामले में आरोपी सोनू उर्फ महात्मा को शुक्रवार शाम भागलपुर कोर्ट से रिहाई मिल गई. एक जुलाई को मिली जमानत के बाद देर शाम सात बजे वह विशेष केंद्रीय कारा से बाहर निकले. रिहाई के बाद सोनू ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया.

सोनू का कहना है कि उन्हें हाई पनिशमेंट सेल में रखा गया, जहां 45 डिग्री तापमान के बीच पंखा तक नहीं था. उन्होंने इसे “जीवित रहते हुए नर्क झेलने जैसा” बताते हुए कहा कि अब वह खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं. सोनू ने साफ किया कि फिलहाल उनका ध्यान किसी टकराव या बदले की भावना पर नहीं है, बल्कि वह अपने परिवार के साथ वक्त बिताना चाहते हैं.

राजनीतिक सवालों पर टाला जवाब

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सोनू ने कहा, “अभी चुनाव आयोग की ओर से कोई घोषणा नहीं हुई है. जो फैसला जनता करेगी, वही अंतिम होगा.” अनंत सिंह से रिश्तों पर उन्होंने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वो बुजुर्ग हैं, उनके बारे में मेरे पास कुछ कहने को नहीं है.”

क्या है मोकामा गोलीकांड मामला?

यह घटना 22 जनवरी 2025 को सामने आई थी, जब सोनू और मोनू ने मुकेश सिंह के घर में ताला जड़ दिया था. मुकेश, सोनू के ईंट भट्ठे में मुंशी था, जिस पर 68 लाख रुपये गबन का आरोप था. मुकेश ने पूर्व विधायक अनंत सिंह से मदद मांगी. अनंत सिंह समर्थकों के साथ मुकेश के घर पहुंचे, ताला तोड़ा और फिर सोनू-मोनू को समझाने उनके गांव गए. वहां दोनों पक्षों में झड़प के बाद करीब 70 राउंड फायरिंग हुई.

पुलिस ने बाद में 14 खोखे बरामद किए और जांच शुरू की. अनंत सिंह को बेऊर जेल भेजा गया, जबकि सोनू को भागलपुर जेल में शिफ्ट किया गया था. अब कोर्ट से मिली राहत के बाद सोनू बाहर आ गए हैं, जबकि मोनू अभी भी फरार है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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