Bihar Vidhan Sabha Chunav Itihas : पिछले चुनाव में भाग्य आजमाने उतरे थे 159 छोटी-बड़े राजनीतिक दल, 2005-15 तक बढ़ गये 100 दल

Party Contesting In Bihar Vidhan Sabha Chunav 2005, 10 & 15 : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 नजदीक है. ऐसे में गिनी चुनी पार्टियां आपके जहन में जरूर होंगी जो इस बार के चुनाव में शामिल हो रही हैं. लेकिन क्या आपको मालूम है वर्ष 2015 में कुल 158 दलों ने बिहार चुनाव में लिया था भाग. आइये जानते हैं भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस के अलावा और कितनी छोटी-बड़ी पार्टियां उतरती है मैदान में और कैसे चुनाव-दर-चुनाव बढ़ती गयी पार्टियां...
Party Contesting In Bihar Vidhan Sabha Chunav 2005, 10 & 15 : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 नजदीक है. ऐसे में गिनी चुनी पार्टियां आपके जहन में जरूर होंगी जो इस बार के चुनाव में शामिल हो रही हैं. लेकिन क्या आपको मालूम है वर्ष 2015 में कुल 158 दलों ने बिहार चुनाव में लिया था भाग. आइये जानते हैं भाजपा, जदयू, राजद, कांग्रेस के अलावा और कितनी छोटी-बड़ी पार्टियां उतरती है मैदान में और कैसे चुनाव-दर-चुनाव बढ़ती गयी पार्टियां…
इलेक्शन कमीशन के आंकड़ों की मानें तो बिहार विधान सभा चुनाव 2015 में कुल 159 छोटे-बड़े राजनीतिक दलों ने भाग लिया था. हालांकि, इसमें चुनाव आयोग ने ‘नोटा’ को भी एक इंडेपेंडेंट पार्टी के तौर पर लिया है. अगर उसे हटा दिया जाये तो कुल 158 दल इस चुनाव का हिस्सा था. पिछले दो चुनाव, अर्थात 2005-2015 तक में कुल 100 पार्टियां बढ़ गयी. इनमें जीतन राम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा, कन्हैया के दल भी शामिल हैं.

वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में बिहार विधानसभा चुनाव में. कई नेशनल, स्टेट लोकल पार्टियां शामिल थी. राष्ट्रीय पार्टियों में भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, इंडियन नेशनल कांग्रेस और एनसीपी शामिल थी. वहीं, स्टेट लेवल की पार्टियों में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, सीपीआई एम एल, जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) शामिल थी.

वहीं, दूसरे स्टेट की पार्टियों में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, जनता दल सेकुलर, जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, मुस्लिम लीग केरल स्टेट कमिटी, राष्ट्रीय लोक दल, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, शिवसेना और समाजवादी दल शामिल थे.

जबकि, कई पार्टियां ऐसी भी थी जो रजिस्टर्ड तो थे लेकिन, जनाधार कम होने के कारण प्रसिद्ध नहीं थे. ऐसी कुल 40 पार्टियां थी. इसके अलावा एक इंडिपेंडेंट को भी चुनाव आयोग ने अलग पार्टी के तौर पर रखा है क्योंकि कई उम्मीदवार भी पार्टी के तौर पर निदर्लीय लड़ना भी पसंद करते हैं.
वर्ष 2010 की बात करें तो इस दौरान इंडिपेंडेंट पार्टी को जोड़कर कुल 91 पार्टियों ने इस विधान सभा चुनाव में हिस्सा लिया था. इन पार्टियों में राष्ट्रीय स्तर की पार्टियां भाजपा, बीएसपी, सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस और एनसीपी थीं.

जबकि स्टेट पार्टियों में जदयू, लोजपा और राजद थीं. वहीं, दूसरे राज्यों के दल भी इस चुनाव का हिस्सा थे. इनमें ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, जनता दल सेकुलर, जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा, मुस्लिम लीग केरला स्टेट कमिटी, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, शिवसेना और समाजवादी पार्टी भी शामिल थी.

इसके अलावा इंडिपेंडेंट को छोड़कर 72 और छोट दल इस चुनाव में भाग लिए थे. अगर 2005 से 2010 की तुलना करें 32 पार्टियां इस दौरान बढ़ गयी थीं जिन्होंने 2010 के विधान सभा चुनाव में हिस्सा लिया.


वहीं, वर्ष 2015 में हुए बिहार विधान सभा चुनाव में कुल 159 पार्टियों ने भाग लिया था. जो 2005 की तुलना में 100 ज्यादा था. जबकि, 2010 की तुलना में 68 ज्यादा दल इस चुनाव का हिस्सा थे.

इनमें नेशनल पार्टी में भाजपा, बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस और एनसीपी दल शामिल थे. जबकि, स्टेट पार्टियों में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, लोजपा और राष्ट्रीय जनता दल शामिल थे.

वहीं, अन्य राज्य के 9 दल भी इस चुनाव का हिस्सा थे. इनमें ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, ऑल इंडिया मजलिस ई इत्तेहादुल मुस्लिमीन, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल पीपल पार्टी, रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, शिवसेना और समाजवादी पार्टी शामिल थी. इसके अलावा इंडिपेंडेंट को छोड़ दें तो 139 छोटे दल भी इस चुनाव में अपना भाग्य आजमाये थे.

Posted By : Sumit Kumar Verma
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