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Bihar News : बिहार विधानसभा भवन के 100 साल, महिला आरक्षण से शराबबंदी तक, इन खास कानूनों का गवाह है इमारत

Updated at : 07 Feb 2021 3:37 PM (IST)
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Bihar News : बिहार विधानसभा भवन के 100 साल, महिला आरक्षण से शराबबंदी तक, इन खास कानूनों का गवाह है इमारत

liquor law in bihar, vidhan sabha news : बिहार विधानसभा भवन के आज 100 साल पूरे हो रहे हैं. आजादी के पहले और आजाद भारत के लगभग 74 वर्ष के दौरान बिहार विधानसभा कई एेतिहासिक घटनाओं का ना सिर्फ साक्षी रहा है, बल्कि यहां लिये गये कई फैसलों ने देश को राह भी दिखायी है. चाहे वह महिलाओं को बराबर का हक दिलाने का फैसला हो या फिर समाज सुधार के लिए कड़े कानूनों को लागू करना. इन फैसलों का असर पूरे देश पर पड़ा.

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Bihar News : बिहार विधानसभा भवन के आज 100 साल पूरे हो रहे हैं. आजादी के पहले और आजाद भारत के लगभग 74 वर्ष के दौरान बिहार विधानसभा कई ऐतिहासिक घटनाओं का ना सिर्फ साक्षी रहा है, बल्कि यहां लिये गये कई फैसलों ने देश को राह भी दिखायी है. चाहे वह महिलाओं को बराबर का हक दिलाने का फैसला हो या फिर समाज सुधार के लिए कड़े कानूनों को लागू करना. इन फैसलों का असर पूरे देश पर पड़ा.

शराबबंदी और 50 फीसदी महिला आरक्षण- लगभग 17 वर्ष पहले बिहार विधानसभा ने एक बड़ा फैसला लिया था. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राजग की नयी सरकार ने 2006 में बिहार पंचायती राज अधिनियम लागू किया. इसके तहत पंचायती राज व्यवस्था के सभी पदों पर आधी आबादी को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया. देश में पहली बार बिहार में ऐसा निर्णय हुआ था. बाद में कई राज्यों ने भी इसका अनुकरण किया. इसी सदन ने 30 मार्च 2016 को शराबबंदी कानून बनाया. सदन के सारे सदस्यों ने एकमत से कानून को सफल बनाने की शपथ ली. अब बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है.

जन आंदोलन और समाज सुधार की पहल- सौ वर्षों के सफर में यह भवन कई बड़े परिवर्तन का गवाह रहा है. पहली बार सात फरवरी 1921 को बिहार-ओड़िशा के प्रथम राज्यपाल सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा ने देशवासियों से स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए चरखा अपनाने की अपील की थी. इसे बाद में महात्मा गांधी ने जन आंदोलन में तब्दील कर दिया.

इसी सदन ने देश में पहली बार भूमि सुधार कानून बनाकर जमींदारी उन्मूलन के लिए दूसरे प्रांतों को प्रेरित किया. बिहार सरकार ने आजादी के तुरंत बाद 1950 में बिहार भूमि सुधार अधिनियम पारित किया था. इसी के आधार पर केंद्र सरकार बाद में चकबंदी एक्ट लायी और अधिकतम जमीन रखने की सीमा तय कर दी. वर्ष 1947 में भूमिहीन गरीबों के लिए बिहार राज्य वास भूमि अधिनियम पारित कर सबके लिए आवास की व्यवस्था की गयी

कुछ महत्वपूर्ण फैसले

– 1947 में पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के नेतृत्व में बिहार राज्य वास भूमि अधिनियम बना.

– 2006 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेतृत्व में बिहार पंचायती राज अधिनियम 2006 बना.

– 2016 में शराबबंदी का कानून बना

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Posted By : Avinish kumar mishra

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