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नीतीश कैबिनेट का फैसला : महादलित-दलित, अति पिछड़ों व अल्पसंख्यकों के लिए ‍340 करोड़

26 Jul, 2016 6:09 am
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नीतीश कैबिनेट का फैसला : महादलित-दलित, अति पिछड़ों व अल्पसंख्यकों के लिए ‍340 करोड़

पटना : महादलितों, दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को साक्षरता और विकास के कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए 340.84 करोड़ खर्च किये जायेंगे. यह निर्णय सोमवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया. बैठक के बाद कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहराेत्रा ने बताया कि अक्षर आंचल योजना के तहत महादलित, दलित और अति पिछड़ा वर्ग की […]

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पटना : महादलितों, दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को साक्षरता और विकास के कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए 340.84 करोड़ खर्च किये जायेंगे. यह निर्णय सोमवार को कैबिनेट की बैठक में लिया गया. बैठक के बाद कैबिनेट सचिव ब्रजेश मेहराेत्रा ने बताया कि अक्षर आंचल योजना के तहत महादलित, दलित और अति पिछड़ा वर्ग की 15 से 35 वर्ष उम्र की आठ लाख महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग की चार लाख महिलाओं को बुनियादी साक्षरता और इन वर्गों के छह से 14 साल उम्र के बच्चों को स्कूली शिक्षा से जोड़ा जायेगा.
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम पर तत्काल खर्च के लिए एक सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं. कैबिनेट सचिव ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद को रोकने के लिए गठित एसटीएफ में पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की अवधि को चार वर्ष से बढ़ा कर सात साल कर दिया गया है.
यह सामान्य परिस्थिति में प्रतिनियुक्ति पर लागू होगा. वहीं, सूचना संग्रह करने वाले, प्रशिक्षण व वाहन परिचालन में लगे पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की अवधि अब 10 साल कर दी गयी है. इस निर्णय के साथ ही इस श्रेणी में संविदा पर नियुक्त पुलिसकर्मियों की सेवा बढ़ाने सहित अन्य कार्य का त्वरित निष्पादन किया जायेगा.
नयी उत्पाद और नयी औद्योगिक नीति स्वीकृत : कैबिनेट की बैठक में नयी उत्पाद और नयी औद्याेगिक नीति को स्वीकार कर लिया है.
हालांकि, इसकी अाधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. मिली जानकारी के अनुसार दोनों नीतियों को माॅनसून सत्र में विधानमंडल से पारित किया जायेगा. इसके साथ ही राज्य में नयी उत्पाद नीति के तहत शराबबंदी के लिए कार्रवाई शुरू हो जायेगी. साथ ही राज्य में रोजगारपरक उद्योग नीति लागू हो जायेगी.
कैबिनेट ने राज्य के सभी सरकारी आइटीआइ और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में बने एमएसडीपी योजना के तहत छात्रावासों का नियंत्रण कौशल विकास मिशन को सौंपा गया है. सरकार का मानना है कि मिशन के नियंत्रण में इन छात्रावासों का उपयोग होगा. राज्य में 84 सरकारी आइटआइ संस्थान हैं. इन संस्थानों के छात्रावास अब कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित होंगे.
इसके लिए मिशन द्वारा छात्रावास संचालन समिति और संचालन कोष का गठन किया जायेगा. छात्रावास के खाली रहने पर कौशल विकास मिशन द्वारा इसका कौशल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उपयाेग किया जायेगा. मिशन जल्द ही ऐसे छात्रावासों में बिजली-पानी आदि की सभी सुविधा बहाल करेगा. सरकार अपनी एजेंसी से ऐसे छात्रावासों की मरम्मती करायी जायेगी.
पौधोराेपण के लिए 21.27 करोड़
वर्ष 2016-17 से 2018-19 तक कृषि रोडमैप के तहत 17 वन प्रमंडलों के सामान्य पथ तटबंध और 24 वन प्रमंडलों के विभिन्न जिलाें और अनुमंडलों के तटबंधों के साथ पूर्णिया वन प्रमंडल के दो शहरी पथ तटबंधों पर पौधारोपण कार्यक्रम चलाया जायेगा. इस पर 21.27 करोड़ रुपये खर्च होंगे. चालू वित्तीय वर्ष में खर्च के लिए 15.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं
कैबिनेट के फैसले
एसटीएफ में प्रतिनियुक्ति की अवधि चार से बढ़ा कर अब सात साल की गयी
आइटीआइ के छात्रावास का नियंत्रण अब कौशल विकास मिशन को
सोन, गंडक, कोसी और किऊल-बउआ-चांदन कमांड क्षेत्र के विकास के लिए 1.23 करोड़ मंजूर, इससे 19,482 हेक्टेयर में सिंचाई नाली का निर्माण होगा
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