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आत्मनिर्भर टेलीकॉम क्षेत्र

Updated at : 29 Sep 2025 5:25 AM (IST)
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BSNL 4G PM Modi Launch

बीएसएनएल 4जी

BSNL 4G network : भारत अब दुनिया के उन पांच देशों में शामिल है, जिनके पास 4जी दूरसंचार सेवाएं शुरू करने की स्वदेशी तकनीक है. भारत के अलावा अन्य देश हैं- चीन, दक्षिण कोरिया, डेनमार्क और स्वीडन. इस सेवा के लॉन्च होते ही देश के सभी टेलीकॉम ऑपरेटर 4जी से लैस हो गये हैं.

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BSNL 4G network : बीएसएनएल (भारत संचार निगम लिमिटेड) की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने ओडिशा में इसके स्वदेशी 4जी नेटवर्क का उद्घाटन किया, जिसे स्वाभाविक ही एक बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने 97,500 से अधिक मोबाइल टावरों का उद्घाटन किया, जिनमें से 92,600 टावर इसी टेलीकॉम सेवा प्रदाता की 4जी तकनीक से लैस हैं.

कुल 37,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ये टावर दूरसंचार को क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के बारे में बताते हैं. दशकों तक भारत 2जी, 3जी और 4जी के लिए विदेशी मदद पर निर्भर रहा. वर्ष 2020 में दूरसंचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का फैसला लिया गया था और अब इस क्षेत्र में स्वदेशी टेक्नोलॉजी तैयार कर बीएसएनएल ने इतिहास रच दिया है.

भारत अब दुनिया के उन पांच देशों में शामिल है, जिनके पास 4जी दूरसंचार सेवाएं शुरू करने की स्वदेशी तकनीक है. भारत के अलावा अन्य देश हैं- चीन, दक्षिण कोरिया, डेनमार्क और स्वीडन. इस सेवा के लॉन्च होते ही देश के सभी टेलीकॉम ऑपरेटर 4जी से लैस हो गये हैं. जियो, एयरटेल तथा वोडाफोन-आइडिया (वीआइ) जैसी कंपनियां पहले से ही 4जी और 5जी नेटवर्क पर हैं. एयरटेल ने 2012 में और जियो ने 2016 में 4जी सर्विस लॉन्च की थी. जबकि 5जी सेवा इन दोनों ने 2022 में शुरू की थी. बीएसएनएल ने आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में यह कदम तब उठाया है, जब उसके उपभोक्ताओं की संख्या में कमी आ रही थी. सिर्फ यही नहीं कि जुलाई में बीएसएनएल के 1.01 लाख ग्राहक कम हुए, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी भी अब आठ फीसदी से कम रह गयी है.

बीएसएनएल के नये कदम से 26,700 गांवों को कनेक्शन मिलेगा, जिनमें ओडिशा के करीब 2,500 गांव भी हैं. साथ ही, इससे 20 लाख नये ग्राहकों के जुड़ने की भी उम्मीद है. नये टावरों को सोलर पावर से ऑपरेट करने की सुविधा दी गयी है और यह भारत का सबसे बड़ा ग्रीन टेलीकॉम नेटवर्क है. इससे जहां ऊर्जा की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं यह पहल सतत विकास और डिजिटल इंडिया को भी मजबूत करेगी. चूंकि यह तकनीक क्लाउड बेस्ड और फ्यूचर रेडी डिजाइन वाला है, इस कारण भविष्य में इसे आसानी से 5जी सेवाओं में अपग्रेड किया जा सकेगा. साल के अंत तक दिल्ली और मुंबई में बीएसएनएल 5जी सेवा शुरू हो जाने की भी उम्मीद है.

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