उप्र में बिगड़ती कानून व्यवस्था
Updated at : 31 May 2017 6:15 AM (IST)
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के पूर्ववर्ती सरकारों को बीजेपी हमेशा कानून व्यवस्था के नाम पर घेरते आयी है. मगर आज के हालात देखने से लगता है अब वो खुद उन्हीं आरोपों से पूरी तरह से घिर गयी है. हत्या लूट बलात्कार के मामले पहले जैसी ही है या आंकड़ा उससे भी ऊपर चला गया है. पिछले सवा […]
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के पूर्ववर्ती सरकारों को बीजेपी हमेशा कानून व्यवस्था के नाम पर घेरते आयी है. मगर आज के हालात देखने से लगता है अब वो खुद उन्हीं आरोपों से पूरी तरह से घिर गयी है.
हत्या लूट बलात्कार के मामले पहले जैसी ही है या आंकड़ा उससे भी ऊपर चला गया है. पिछले सवा महीने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर, अगड़ी और पिछड़ी जातियों के दंगल में धधक रहा है. सरकार क्या कर रही है? केवल उपायुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारियों का या तो तबादला हो रहा है या बर्खास्तगी. बावजूद इसके दंगा-फसाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. जो वादे जनता से किये गये थे, उसे हर हाल में धरातल पर उतारना पड़ेगा.
जंग बहादुर सिंह, इमेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




