खुली आंखों से सोयी सरकार

झारखंड की सरकार खुलीद आंखों के साथ सो रही है. हम बात कर रहे हैं विनोबा भावे विश्वविद्यालय की. यहां के महाविद्यालयों में पढ़ाई को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए अतिथि व्याख्याताओं तैनात किये गये हैं. उन्हें कक्षा आधारित नियुक्ति से जोड़ा गया है. आज उन्हें 15000 अधिकतम या 500 प्रति कक्षा दिया […]
झारखंड की सरकार खुलीद आंखों के साथ सो रही है. हम बात कर रहे हैं विनोबा भावे विश्वविद्यालय की. यहां के महाविद्यालयों में पढ़ाई को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए अतिथि व्याख्याताओं तैनात किये गये हैं. उन्हें कक्षा आधारित नियुक्ति से जोड़ा गया है. आज उन्हें 15000 अधिकतम या 500 प्रति कक्षा दिया जाता है.
उनसे वे सभी कार्य करवाये जाते हैं, जो स्थायी व्याख्याता करते है. ऐसे में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश – समान कार्य के लिये समान वेतन, की धज्जियां उड़ रही है. यही नहीं, सरकार के नये विज्ञप्ति के आनुसार ऐसे अतिथि व्याख्याताओं को अब अनुबंध के आधार पर 36000 या प्रति कक्षा 600 ही दिया जाएगा. क्या, यह पुनः गलत निर्णय नहीं है?
संजीव सिन्हा, गिरिडीह
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