फिर से ठगा महसूस कर रहे हैं किसान

Updated at : 20 Dec 2016 5:59 AM (IST)
विज्ञापन
फिर से ठगा महसूस कर रहे हैं किसान

किसान अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन मानसून की बेवफाई के कारण उम्मीद जैसी फसल नहीं हो पायी. परंतु जो भी फसल हुई है, उसे खरीदने के लिए अभी तक राज्य में धान क्रय केंद्र नहीं खुला है. किसान को अपनी फसल ओने-पौने दाम में बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है. सरकार […]

विज्ञापन
किसान अच्छी फसल की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन मानसून की बेवफाई के कारण उम्मीद जैसी फसल नहीं हो पायी. परंतु जो भी फसल हुई है, उसे खरीदने के लिए अभी तक राज्य में धान क्रय केंद्र नहीं खुला है. किसान को अपनी फसल ओने-पौने दाम में बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है. सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है. किसान दोहरी मार झेलने को विवश हैं.
किसानों ने फसल उगाने के लिए जो भी पैसे उधार या बैंक से लिए थे अब वो कैसे चुकायेंगे, उसकी चिंता सता रही है. पिछले वर्ष भी धान क्रय केंद्र खुलने में देरी हुई थी. तब तक आधे से अधिक किसान कम दर पर पूंजीपतियों के यहां धान बेच चुके थे. इस वर्ष सरकार के पास पहले की गलती को सुधारने का मौका था, लेकिन सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है.
प्रताप तिवारी, सारठ
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola