संताली भाषा अकादमी का गठन हो

संपादक महोदय, मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास जी का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि केंद्रीय साहित्य अकादमी और पश्चिम बंगाल संताली अकादमी की तर्ज पर झारखंड में संताली भाषा और साहित्य की चर्चा और उसकी उन्नति के लिए ‘झारखंड संताली अकादमी’ का गठन किया जाये. अकादमी का […]
संपादक महोदय, मैं आपके समाचार पत्र के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास जी का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि केंद्रीय साहित्य अकादमी और पश्चिम बंगाल संताली अकादमी की तर्ज पर झारखंड में संताली भाषा और साहित्य की चर्चा और उसकी उन्नति के लिए ‘झारखंड संताली अकादमी’ का गठन किया जाये.
अकादमी का गठन होने से राज्य के साहित्यकारों को उनके कार्य में प्रोत्साहन मिलेगा. इसके साथ ही, राज्य में लोक साहित्य को बढ़ावा भी मिलेगा. झारखंड में किसी एक भाषा का प्रभुत्व नहीं है. यहां के विभिन्न क्षेत्र में कई भाषा और बोलियां प्रचलित हैं. लोक साहित्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कारगर कदम उठाये जाने चाहिए. अत: मुख्यमंत्री साहब से पुन: आग्रह है कि वे इस दिशा में कारगर कदम उठाने का प्रयास करें.
चंद्र मोहन किस्कू, बेहेड़ा, पूर्वी सिंहभूम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




