नेताओं से लिखित वादा लेना होगा

आज के नेता चुनाव आते ही लोगों के सामने आने लगते हैं. खुद को ईमानदार और दूसरे को झूठा बता कर बड़े-बड़े वादे करते हैं, जबकि वे खुद ही सबसे बड़े दागी होते हैं. आज के ये नेता आजादी के बाद से इतने बड़े धोखेबाज हो गये हैं कि उन्हें लोगों को बेवकूफ बनाने का […]
आज के नेता चुनाव आते ही लोगों के सामने आने लगते हैं. खुद को ईमानदार और दूसरे को झूठा बता कर बड़े-बड़े वादे करते हैं, जबकि वे खुद ही सबसे बड़े दागी होते हैं. आज के ये नेता आजादी के बाद से इतने बड़े धोखेबाज हो गये हैं कि उन्हें लोगों को बेवकूफ बनाने का तरीका पता है.
लेकिन अब हमें इन नेताओं के भरोसे नहीं रहना है. हमें खुद को ही बदला होगा और इनके साथ सख्त रवैया अपनाना होगा. चुनाव के वक्त अनसे सार्वजनिक रूप से लिखित सरकारी प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करवाना होगा कि यदि ये तीन महीने में मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पाए, तो ये अपना पद त्याग देंगे और फिर जीवन में कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे. ऐसा करने पर ही इनमें कार्य करने की जिज्ञासा और मन में जनता के प्रति खौफ जगेगा. अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो स्थिति में बदलाव नहीं आ सकेगा.
ज्ञानदीप जोशी, रांची
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