बढ़े कार्रवाई का दायरा तो बात बने

Published at :08 Oct 2014 6:02 AM (IST)
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बढ़े कार्रवाई का दायरा तो बात बने

झारखंड के नवनियुक्त कृषि मंत्री बन्ना गुप्ता ने मंत्री पद संभालते ही अपने गृह नगर जमशेदपुर में कार्रवाई करनी शुरू कर दी है. इसी क्रम में मंत्री ने जमशेदपुर की बाजार समिति में औचक छापामारी की, जहां व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं सामने आयीं. छापेमारी के दौरान यह बात भी सामने आयी कि शहर के बड़े […]

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झारखंड के नवनियुक्त कृषि मंत्री बन्ना गुप्ता ने मंत्री पद संभालते ही अपने गृह नगर जमशेदपुर में कार्रवाई करनी शुरू कर दी है. इसी क्रम में मंत्री ने जमशेदपुर की बाजार समिति में औचक छापामारी की, जहां व्यापक पैमाने पर अनियमितताएं सामने आयीं.

छापेमारी के दौरान यह बात भी सामने आयी कि शहर के बड़े व्यापारी टैक्स चोरी कर राज्य सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं. इतना ही नहीं मंत्री ने जहां हाथ डाला, वहीं गड़बड़झाला ही दिखा. लगभग पांच घंटे तक चली छापेमारी में मंत्री को कई ऐसे साक्ष्य हाथ लगे, जिससे यह साबित होता है कि जमशेदपुर की बाजार समिति में वह सबकुछ हो रहा है, जिससे राज्य की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है.

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वे अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे, जिनपर बाजार समिति के संचालन की जिम्मेवारी थी. बिना गेट पास के बाजार समिति के अंदर गाडि़यां जाती हैं और निकलती हैं. छापेमारी के बाद मंत्री के आदेश पर प्रथम दृष्टया में पकड़ी गयी गड़बड़ी की रिपोर्ट विभाग के वरीय पदाधिकारी को सौंपी दी गयी है. अब यह देखना है कब तक इस पर कार्रवाई होगी.

बहरहाल कृषि मंत्री की इस कार्रवाई के बाद निश्चित तौर पर कालाबाजारी कर रहे व्यापारियों में हड़कंप होगा. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती. राज्य की अन्य बाजार समितियों में भी गड़बडि़यों का अंबार है. ऐसे में सभी बाजार समितियों की निगरानी कैसे हो यह भी देखा जाना चाहिए. कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे कि राज्यव्यापी असर और माहौल बन सके. इसके अलावा व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर भी गौर करना जरूरी है. राज्य के व्यापारियों ने बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी कृषि बाजार उत्पादन समिति भंग करने की मांग की है.

व्यापारियों का कहना है कि समिति के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है. खाद्यान्न पर कर नहीं होने के बावजूद मंडी में ले जाने पर उन्हें एक प्रतिशत टैक्स देना होता है. जिससे कर चोरी करने के लिए कालाबाजारी होती है. इन मसलों पर भी कृषि मंत्री को विचार कर पारदर्शी और कारगर तरीका खोजना चाहिए. साथ ही आम लोगों को उचित मूल्य पर खाद्यान्न आपूर्ति हो सके यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

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