बदनुमा दाग है उन्नाव की घटना
Updated at : 02 Aug 2019 6:50 AM (IST)
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उन्नाव की घटना ने एक बार फिर महिलाओं पर अत्याचार की कहानी उजागर की है जो वाकई चिंताजनक है. फिल्मी अंदाज में पीड़िता व उसके परिजनों की मौत हो जाती है और इसे मात्र एक इत्तेफाक समझा जाता है. यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी बुलंदशहर, अलीगढ़, कठुआ आदि अनेक जगहों की […]
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उन्नाव की घटना ने एक बार फिर महिलाओं पर अत्याचार की कहानी उजागर की है जो वाकई चिंताजनक है. फिल्मी अंदाज में पीड़िता व उसके परिजनों की मौत हो जाती है और इसे मात्र एक इत्तेफाक समझा जाता है.
यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले भी बुलंदशहर, अलीगढ़, कठुआ आदि अनेक जगहों की घटनाओं ने मानवता को शर्मसार किया है. एक तरफ भारत विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है, वहीं ऐसी घटनाएं विकास पर एक बदनुमा दाग लगाती हैं. ऐसी घटनाओं के मुख्य कारणों के बारे में हमें अवश्य सोचना होगा. सिर्फ कानूनों से ऐसी घटनाओं पर लगाम लगा पाना असंभव है. जरूरत है सोच बदलने की.
नारी को उपभोग की वस्तु न समझकर, उसे एक इंसान समझना होगा. ऐसी घटनाओं के पीछे चाहे जो कोई भी हो, कड़ी सजा जरूर मिलनी चाहिए. तभी ऐसे कुकर्म करने की सोच रखने वालों को एक संदेश मिलेगा.
कन्हाई, रांची
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