पुराने सरकारी स्कूलों के भवन का हो पुनर्निर्माण
Updated at : 18 Jul 2019 6:14 AM (IST)
विज्ञापन

बिहार सरकार के अथक प्रयास के बावजूद सरकारी स्कूल के भवन बने तो हैं, परंतु पुराने स्कूल के भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में आ गये हैं, जो अपनी सुनहरी यादों को समेटे किसी उद्धारक की बाट जोह रहे हैं. सरकारी कार्य करने की पेचीदगी के कारण भी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक कार्य करने में कोताही बरतते […]
विज्ञापन
बिहार सरकार के अथक प्रयास के बावजूद सरकारी स्कूल के भवन बने तो हैं, परंतु पुराने स्कूल के भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में आ गये हैं, जो अपनी सुनहरी यादों को समेटे किसी उद्धारक की बाट जोह रहे हैं.
सरकारी कार्य करने की पेचीदगी के कारण भी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक कार्य करने में कोताही बरतते हैं. सरकार की नीति के अनुसार कई स्कूलों को दूसरे स्कूल के भवनों में शिफ्ट किया जाता है. इससे उस पोषक क्षेत्र के छात्रों की संख्या में गिरावट आती है.
इसका स्थायी समाधान एक ही है कि सांसद, विधायक व स्थानीय निकायों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी स्कूलों के भवन को बनाने की पहल की जाये, ताकि जीर्ण-शीर्ण पुराने स्कूल भवन का निर्माण हो और उस पोषक क्षेत्र के बच्चे पढ़ाई से वंचित न हों.
आनंद पांडेय, रोसड़ा (समस्तीपुर)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




