संसद के काम-काज में बदलाव लाने की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार यह कहते हैैं कि सरकार बहुमत से बनती है, लेकिन देश सबकी सहमति से चलता है. उनके इस कथन पर विपक्षी दलों की राय जो भी हो, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता कि आज के दौर में जब देश बदल रहा है और उसकी अपेक्षाएं बढ़ रही हैं. इसको लेकर […]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार यह कहते हैैं कि सरकार बहुमत से बनती है, लेकिन देश सबकी सहमति से चलता है. उनके इस कथन पर विपक्षी दलों की राय जो भी हो, इससे इन्कार नहीं किया जा सकता कि आज के दौर में जब देश बदल रहा है और उसकी अपेक्षाएं बढ़ रही हैं.
इसको लेकर राजनीति के तौर-तरीकों में बुनियादी बदलाव की सख्त जरूरत है. सबसे अधिक जरूरत संसदीय काम-काज में बदलाव लाने की है. इस बदलाव से राजनीति का भी भला होगा.
पुराने, घिसे-पिटे और निष्प्रभावी तौर-तरीकों के कारण ही भारतीय लोकतंत्र श्रेष्ठ रूप नहीं ले पा रहा है. नि:संदेह भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन जरूरत तो इसकी है कि वह श्रेष्ठ एवं सशक्त लोकतंत्र बने. इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को अपने सोच में बदलाव लाना होगा और जनता के हित का ध्यान रख नीति बनानी होगी.
डाॅ हेमंत कुमार, गोराडीह (भागलपुर)
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