देशहित से ऊपर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Apr 2019 7:02 AM

विज्ञापन

आजकल अस्वस्थ विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दौर चल गया है. येन-केन-प्रकारेण विचार अभिव्यक्त करना फैशन बनता जा रहा है. हमारे संविधान में अनुच्छेद 19(क) में हम भारतीयों के लिए विचार अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता का जिक्र किया गया है, परंतु यह भारत की अखंडता, गोपनीयता, एकता की अक्षुण्णता को नजरअंदाज कर नहीं. इसलिए किसी […]

विज्ञापन
आजकल अस्वस्थ विचार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दौर चल गया है. येन-केन-प्रकारेण विचार अभिव्यक्त करना फैशन बनता जा रहा है.
हमारे संविधान में अनुच्छेद 19(क) में हम भारतीयों के लिए विचार अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता का जिक्र किया गया है, परंतु यह भारत की अखंडता, गोपनीयता, एकता की अक्षुण्णता को नजरअंदाज कर नहीं.
इसलिए किसी भी भारतीयों को देशहित से ऊपर स्वयं के अनाप-शनाप विचार प्रकटीकरण की छूट नहीं मिलनी चाहिए, चाहे आम लोग हों, पत्रकार हों, सत्ताधिकारी हों या जज ही क्यों न हों. अगर देश ही अपना न रहे, तो हम शरीर से ही नहीं, विचार को भी आदान-प्रदान नहीं कर सकेंगे.
स्वर्णलता ‘विश्वफूल’, अमदाबाद (कटिहार)
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola