स्वच्छता मिशन बने जन आंदोलन

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक पूरे भारत को स्वच्छ करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इस दिशा में सुस्त गति से प्रगति हो रही है. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे विशाल आबादी वाले राज्य भी काफी पिछड़े हुए हैं. गंदगी की वजह से इन राज्यों में अक्सर अनेक बीमारियों का प्रकोप रहता […]
प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक पूरे भारत को स्वच्छ करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन इस दिशा में सुस्त गति से प्रगति हो रही है. उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे विशाल आबादी वाले राज्य भी काफी पिछड़े हुए हैं. गंदगी की वजह से इन राज्यों में अक्सर अनेक बीमारियों का प्रकोप रहता है. दूषित जल और मच्छरों के कारण डायरिया, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, मस्तिष्क ज्वर, कालाजार आदि जैसे रोग फैलते हैं, जिनसे हर वर्ष अनेक लोगों की असमय मृत्यु होती है.
तात्पर्य यह है कि साफ-सफाई का संबंध सिर्फ सौंदर्य से नहीं होता. स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए भी स्वच्छता एक पूर्व शर्त है, लेकिन क्या ये बातें बड़े प्रदेशों की सरकारें और वहां के लोग नहीं समझते? आखिर वहां भारत स्वच्छता मिशन को जनांदोलन में क्यों नहीं बदला जा सका है? सरकारों को इसे जनांदोलन का रूप प्रदान करने के लिए प्रयास करना चाहिए.
डाॅ हेमंत कुमार, इमेल से
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