छात्रों की सोचें
Updated at : 24 Jan 2018 6:22 AM (IST)
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19 जनवरी का दिन उपराजधानी दुमका के लोगों के लिए मातम भरा रहा. पंचायत सचिव पद की परीक्षा देने देवघर जा रहे सात अभ्यर्थियों और गाड़ी के चालक की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गयी. लोग अपनी दिनचर्या भूल कर दिनभर अस्पताल और मृतकों के घर तक उनके परिजनों की मदद में तत्पर दिखे. […]
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19 जनवरी का दिन उपराजधानी दुमका के लोगों के लिए मातम भरा रहा. पंचायत सचिव पद की परीक्षा देने देवघर जा रहे सात अभ्यर्थियों और गाड़ी के चालक की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गयी. लोग अपनी दिनचर्या भूल कर दिनभर अस्पताल और मृतकों के घर तक उनके परिजनों की मदद में तत्पर दिखे.
बेरोजगार युवाओं से राज्य सरकार नाना प्रकार के पद पर कई-कई परीक्षाएं लेती है और किसी कोई कारण बता कर उसे निरस्त कर देती है. इससे युवाओं को कितनी समस्याओं से गुजरना पड़ता है, यह वही जानते हैं. बस की छत पर सफर करने से लेकर फुटपाथ पर सोने, होटल में खाने, ठंड में रातभर ठिठुरने जैसी स्थितियों से उन्हें गुजरना होता है. तब जाकर परीक्षा केंद्र तक वे पहुंच पाते हैं. सरकार राज्य ऐसी परीक्षा के लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्था करने और गृह जिला में ही परीक्षा लेने पर विचार करना चाहिए. .
नवल किशोर सिंह, दुमका
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