अमेरिका की चालाकी
Updated at : 28 Dec 2017 6:13 AM (IST)
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डोनाल्ड ट्रम्प के प्रतिनिधि ने एलान किया है कि उनका देश राष्ट्र संघ को दिये जाने वाले वार्षिक अंशदान में से 29 करोड़ रुपये का कटौती करेगा. अमेरिका सबसे बड़ा दाता है. राष्ट्र संघ का कुल बजट साढ़े पांच बिलियन डॉलर है. उसमें अमेरिका का अंश कोई 22 प्रतिशत है. कुछ दिन पूर्व उसने यूनेस्को […]
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डोनाल्ड ट्रम्प के प्रतिनिधि ने एलान किया है कि उनका देश राष्ट्र संघ को दिये जाने वाले वार्षिक अंशदान में से 29 करोड़ रुपये का कटौती करेगा. अमेरिका सबसे बड़ा दाता है. राष्ट्र संघ का कुल बजट साढ़े पांच बिलियन डॉलर है. उसमें अमेरिका का अंश कोई 22 प्रतिशत है.
कुछ दिन पूर्व उसने यूनेस्को से बाहर जाने का एलान किया था. ध्यान रहे जलवायु परिवर्तन से अलग हटना भी पैसे देने से बचने का एक बहाना है, क्योंकि जलवायु समझौते में विकसित देशों को विकासशील देशों को पैसे देने का प्रावधान है. ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि येरूसलम का बहाना बनाकर ट्रंप ने उन तमाम देशों को आर्थिक मदद रोकने की बात कही थी, जो राष्ट्रसंघ का प्रस्ताव का समर्थन करेगा. दुनियाभर में फैले अपने सैनिकों की संख्या में कटौती करने का भी बात करता है. दक्षिण कोरिया में मिसाइल प्रतिरोधी तकनीक तैनात करने के लिए उससे पैसे मांगे गये थे. मतलब यह आदमी सनकी होने का नाटक कर रहा है. असल में वह चतुर व्यापारी है.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी.
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