सार्थक है नदी जोड़ो अभियान

पिछले कुछ सालों से देश में कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ की स्थिति बनती रही है. कई जगह अतिवृष्टि तो कई स्थानों पर अकाल जैसी स्थिति होना आम बात रही है. ऐसे में मोदी सरकार ने नदी जोड़ो अभियान का जो खाका तैयार किया है, निश्चित ही वह एक भगीरथी प्रयास के समान है. पांच […]
पिछले कुछ सालों से देश में कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ की स्थिति बनती रही है. कई जगह अतिवृष्टि तो कई स्थानों पर अकाल जैसी स्थिति होना आम बात रही है. ऐसे में मोदी सरकार ने नदी जोड़ो अभियान का जो खाका तैयार किया है, निश्चित ही वह एक भगीरथी प्रयास के समान है.
पांच लाख करोड़ के बजट से आनेवाले वर्षों में निश्चित ही देश में उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा और देश में खुशहाली बढ़ेगी. इस अभियान से नदियों में आनेवाली बाढ़ से प्रतिवर्ष होने वाली क्षति में कमी आयेगी, सिंचाई का रकबा बढ़ेगा, भूजल स्तर में वृद्धि होगी तथा विद्युत उत्पादन भी बढ़ जायेगा. मध्यप्रदेश में तो नर्मदा और शिप्रा नदियों को जोड़ने का सफल प्रयोग हो भी गया है. निश्चय ही सरकार के इस कार्य की जितनी सराहना की जाये कम है.
संजय डागा हातोद, इन्दौर, इमेल से
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