गुरमीत राम रहीम यौन शोषण मामला : राजसत्ता की विफलता

आशुतोष चतुर्वेदी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक साध्वी के यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के आसपास भड़की हिंसा को न थाम सकने के लिए सीधे-सीधे राजसत्ता दोषी है. इस बात की आशंका पहले से थी कि फैसले के बाद हिंसा […]
आशुतोष चतुर्वेदी
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक साध्वी के यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के आसपास भड़की हिंसा को न थाम सकने के लिए सीधे-सीधे राजसत्ता दोषी है. इस बात की आशंका पहले से थी कि फैसले के बाद हिंसा हो सकती है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाइकोर्ट ने भी आदेश जारी किया था कि अगर फैसले के बाद किसी तरह से कानून व्यवस्था बिगड़े तो सेना और पुलिस गोली चलाने से पीछे न हटे. कोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी कीमत में फैसले के बाद हालात नहीं बिगड़े. लेकिन, फैसले के बाद जो दृश्य दिखा, उससे स्पष्ट था कि हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार की ओर से पुलिस की व्यवस्था नाकाफी थी.
पहले तो राम रहीम सैकड़ों कारों के काफिले और समर्थकों के साथ पंचकूला स्थित सीबीआइ अदालत परिसर तक पहुंच गये. उसके बाद बेकाबू समर्थकों की आगजनी और तांडव सारी कहानी बयां कर देता है. हिंसा की आशंका और हाइकोर्ट के इतने सख्त निर्देशों के बावजूद हिंसा का होना यह सवाल खड़े करता है कि राज्य सत्ता से क्या बाबा और उनके अंधभक्त समर्थक ऊपर हैं.
उन पर इतनी नरमी को लेकर खट्टर सरकार पर सवाल उठना लाजिमी है. दरअसल, सब खेल सत्ता का है. राजनीतिज्ञ बाबा का और बाबा राजनीतिज्ञों का इस्तेमाल करता रहा है. हरियाणा व पंजाब के विधानसभा चुनावों के दौरान राजनीतिज्ञ उसके दरबार में समर्थन के लिए हाजिरी लगाते हैं. राजनेता यह भूल जाते हैं कि ऐसे बाबाओं के बेकाबू होते देर नहीं लगती.
राम रहीम पर कोई साधारण आरोप नहीं है. वह विवादों का बाबा है. उस पर एक साध्वी के साथ दुष्कर्म करने जैसे संगीन मामले में सजा सुनायी गयी है.
लोगों की हत्या जैसे आरोप भी उस पर हैं. यह कथित बाबा फिल्में बनाता है, जिसमें वह हीरो बनकर आता है. नाम बदलता रहता है. कभी राम रहीम, तो कभी संत राम रहीम तो कभी राम रहीम इंसां हो जाता है. महंगी कारों का उसे शौक है. वह बाल बच्चेदार व्यक्ति है. उसकी दो बेटियां और एक बेटा है. बेटे की शादी एक पूर्व विधायक की बेटी से हुई है. लेकिन, आश्चर्य है कि फिर भी वह बाबा है और लोग उसके मायाजाल में फंस जाते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




