बिहार और बाढ़

बिहार और बाढ़ का एक अनोखा रिश्ता है. बिहार की जनता प्रत्येक वर्ष इस बाढ़ रूपी प्राकृतिक आपदा को सहती चली आ रही है. आखिर क्यों बिहार का आपदा प्रबंधन विभाग, आपदा से पहले सक्रिय नहीं होता है? किसी भी प्राकृतिक आपदा में राहत और बचाव कार्य से ज्यादा जरूरी है, उसके लिए तैयार रहना. […]
बिहार और बाढ़ का एक अनोखा रिश्ता है. बिहार की जनता प्रत्येक वर्ष इस बाढ़ रूपी प्राकृतिक आपदा को सहती चली आ रही है. आखिर क्यों बिहार का आपदा प्रबंधन विभाग, आपदा से पहले सक्रिय नहीं होता है?
किसी भी प्राकृतिक आपदा में राहत और बचाव कार्य से ज्यादा जरूरी है, उसके लिए तैयार रहना. प्रत्येक वर्ष बिहार में बाढ़ से सैकड़ों जानें जाती है और लाखों की संख्या में लोग प्रभावित होते हैं. और तो और महामारी का खतरा भी बढ़ जाता है. सुरक्षा के साथ भोजन और स्वास्थ्य सुविधा की पूरी तैयारी होनी चाहिए थी. मगर वह नहीं दिखता. सरकार और आमजन भविष्य में होने वाली आपदा के लिए तैयार रहें ताकि नुकसान कम किया जा सके.
विजय कुजूर, इमेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




