अंगदान की मानसिकता बनाएं
Updated at : 11 Aug 2017 6:38 AM (IST)
विज्ञापन

भारत में अंगदान की दर बहुत कम हैं. इसकी खास वजह हैं भ्रांतियां. भारत में वैसे मरीजों की फेहरिस्त काफी लम्बी हैं, जो ऐच्छिक अंगदान के लिए वर्षों इंतजार करते हैं और कितने तो दम भी तोड़ देते हैं. हम को यह समझना चाहिए और सिर्फ समझना ही नहीं, बल्कि इसके लिए परिवार के लोगों […]
विज्ञापन
भारत में अंगदान की दर बहुत कम हैं. इसकी खास वजह हैं भ्रांतियां. भारत में वैसे मरीजों की फेहरिस्त काफी लम्बी हैं, जो ऐच्छिक अंगदान के लिए वर्षों इंतजार करते हैं और कितने तो दम भी तोड़ देते हैं.
हम को यह समझना चाहिए और सिर्फ समझना ही नहीं, बल्कि इसके लिए परिवार के लोगों को तैयार और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी मृत्यु के उपरांत तुरंत संबंधित संस्था को खबर करें. यह बिना परिवार की रजामंदी के असंभव हैं.
आखिर मृत्यु पश्चात ये अमूल्य अंग नष्ट हो जाने हैं. इसलिए इनको नष्ट करने से अच्छा हैं कि इन्हें दान कर दिया जाये. इसके लिए वैसी मानसिकता विकसित करनी होगी.
सीमा साही, बोकारो.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




