झारखंड माइनिंग शो: कई सेमिनार का हुआ आयोजन, प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़, शो में 7.11 करोड़ के भारी वाहन बिके

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झारखंड माइनिंग शो: कई सेमिनार का हुआ आयोजन, प्रदर्शनी में उमड़ी भीड़, शो में 7.11 करोड़ के भारी वाहन बिके

रांची : तीन दिवसीय झारखंड माइनिंग शो 2017 के दूसरे दिन 7.11 करोड़ रुपये के भारी वाहनों की बुकिंग हुई है. इसमें टाटा हिताची के तीन डंपर हिमालय स्टील व एक अर्थ कैवेटर यूनाइटेड एयरवेज के संचालकों ने बुक कराया है. वहीं भारत बेंज द्वारा सात हाइवा की बुकिंग की गयी है. एक हाइवा की […]

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रांची : तीन दिवसीय झारखंड माइनिंग शो 2017 के दूसरे दिन 7.11 करोड़ रुपये के भारी वाहनों की बुकिंग हुई है. इसमें टाटा हिताची के तीन डंपर हिमालय स्टील व एक अर्थ कैवेटर यूनाइटेड एयरवेज के संचालकों ने बुक कराया है. वहीं भारत बेंज द्वारा सात हाइवा की बुकिंग की गयी है. एक हाइवा की कीमत 32.40 लाख रुपये है. झारखंड माइनिंग शो में 60 कंपनियों ने स्टॉल लगाया है. जिसमें चार से पांच कंपनियों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी सह बुकिंग काउंटर भी खोला है.
जमशेदपुर में बनता है 3.8 करोड़ का अर्थ कैवेटर
टाटा हिताची द्वारा झारखंड माइनिंग शो में एक विशाल अर्थ कैवेटर की प्रदर्शनी लगायी है. यह अर्थ कैवेटर बड़े खदानों में खुदाई के काम में लगाया जाता है. टाटा हिताची के संचालकों ने बताया कि जमशेदपुर के टेल्को में अर्थ कैवेटर का निर्माण होता है. इसकी बाजार में कीमत 3.8 करोड़ है. जमशेदपुर प्लांट में हर साल 40-50 ऐसे वाहन बनते हैं. वहीं 300 से 350 डंपर बनते हैं. डंपर में रियर कैमरा, केबिन गार्ड, फायर सुरक्षा उपकरण लगे होते हैं. दुर्घटना की स्थिति में भी ड्राइवर सुरक्षित रहता है. भारत बेंज द्वारा हाइवा की प्रदर्शनी लगायी है. इसका प्लांट चेन्नई में है. यह डैमलर मर्सिडिज बेंज का भारी वाहन है, जो देश में भारत बेंज के नाम से बिकती है. एक हाइवा की कीमत 32.40 लाख रुपये है. कोल इंडिया के स्टॉल में ओपन कास्ट कोल माइनिंग का मॉडल लगाया गया है. ग्लास के एक बॉक्स में बने इस ओपन कास्ट माइनिंग के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है. अधिकारी लोगों को समझाते भी हैं कि कैसे कोयला की खुदाई होती है.
छह माह में चालू होगी चट्टी बरियातू कोयला खदान
माइनिंग शो में एनटीपीसी द्वारा अपने कोयला खदानों के बाबत जानकारी दी जा रही है. बताया गया कि पकड़ी बरवाहडीह कोयला खदान से दिसंबर 2016 से उत्पादन आरंभ हो गया है. अभी तक 166 रैक कोयले का उत्पादन हो चुका है. इसी कोयले से बाढ़ थर्मल पावर प्लांट रोशन होता है. वहीं चट्टी बरियातू कोयला खदान छह माह में चालू हो जायेगा. केरनडारी कोयला खदान में अभी समय लगेगा.
झारखंड माइनिंग शो 2017 का समापन आज
माइनिंग शो का समापन एक नवंबर को है. दिन के दो बजे से समारोह का आयोजन किया गया है. झारखंड में खनिजों की खोज की लिए एमइसीएल के साथ एमओयू होगा. मुख्य अतिथि केंद्रीय खान सचिव अरुण कुमार होंगे. एसएसटीसी के सीएमडी बीबी सिंह, मेकन सीएमडी अतुल भट्ट, एमइसीएल के सीएमडी गोपाल धवन, एनएमडीसी के सीएमडी एन बैजेंद्र कुमार, मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, अपर मुख्य सचिव अमित खरे व खान सचिव सुनील बर्णवाल भी मौजूद रहेंगे.
कोयले से केमिकल व गैस बनाया जाना चाहिए
झारखंड माइनिंग शो 2017 के तकनीकी सत्र में अंतिम सेमिनार कोयले के वैकल्पिक उपयोग पर आधारित रहा. सेमिनार को संबोधित करते हुए अडाणी ग्रुप के सीइओ राजेश झा ने कहा कि कोयले से सिंथेटिक गैस के विकल्प पर जाना चाहिए. ऐसा करने पर हम कोयले के आयात में 50 प्रतिशत की कमी कर सकते हैं. कोयला से यूरिया, अमोनिया, मिथेनॉल जैसे केमिकल बनते हैं. देश में अर्से से कोयला का इस्तेमाल केवल बिजली उत्पादन के लिए किया जाता है. जबकि इसके वैल्यू एडिशन पर जोर दिया जाये, तो बिजली से ज्यादा आय हो सकती है. श्री झा ने कहा कि इस समय चीन कोयला से फर्टिलाइजर, पेट्रो केमिकल जैसे उत्पाद बना रहा है. 500 एमटी का उत्पादन चीन कर रहा है.
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