विदेशियों को बेहतर इलाज मिलता है लेकिन अपनों को नहीं मिलता : नायडू
Author Prabhat khabar digital desk
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नयी दिल्ली : चिकित्सा पर्यटन में भारत अच्छा कर रहा है. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इसकी तारीफ करते हुए कहा, विदेशियों को तो बेहतर इलाज की सुविधा मिल जाती है, लेकिन विडंबना है कि अपने नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिलती . नायडू ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत […]
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नयी दिल्ली : चिकित्सा पर्यटन में भारत अच्छा कर रहा है. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इसकी तारीफ करते हुए कहा, विदेशियों को तो बेहतर इलाज की सुविधा मिल जाती है, लेकिन विडंबना है कि अपने नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिलती . नायडू ने गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुये उम्मीद जतायी कि प्रत्येक नागरिक को बेहतर दायित्वबोध के साथ चिकित्सा सुविधा मिले.
उन्होंने कहा ‘‘हमारी चिकित्सा सेवाओं की यह विडंबना ही है कि एक तरफ भारत में दूसरे देशों से इलाज के लिये आने वाले मरीजों के कारण चिकित्सा पर्यटन तेजी से बढ़ा है, हालांकि इलाज की वैसी सुविधायें अनेकों भारतीयों की पहुंच से दूर हैं. हमें इस स्थिति से बाहर आना होगा. हमें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें विकसित करनी होंगी .
” नायडू ने एम्स में विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाओं की सहूलियत के लिये एम्स प्रशासन की तारीफ करते हुये कहा ‘‘सिर्फ आप (चिकित्सक) ही बीमार मानवता को रोगमुक्त बना सकते हैं. सिर्फ आप ही लोगों की जिंदगी के साल बढ़ा सकते हैं और मुझे उम्मीद है कि भविष्य में इसके लिये चिकित्सा सुविधाओं को उन्नत, आसान, जवाबदेह और प्रभावशाली बनाया जायेगा.” नायडू ने युवा डाक्टरों से चिकित्सा सेवा के नैतिक मूल्यों को सदैव जेहन में रखने का आह्वान करते हुये कहा कि वे प्रत्येक मरीज की आर्थिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखे बिना पूरी शिद्दत से उसका इलाज करें.
उन्होंने देश में ही विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीक और उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल देते हुये कहा इससे न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि उपकरणों की कीमत भी कम होगी. उपराष्ट्रपति ने चिकित्सा सेवाओं के मामले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच व्याप्त अंतर का भी जिक्र करते हुये कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें विकसित कर इस अंतर को खत्म किया जा सकता है. नायडू ने कहा कि इसके लिये एम्स के सभी विभागों में शोध कार्य के लिए अन्य देशों के साथ आपसी सहयोग बढ़ाने की जरूरत है.
उन्होंने देश में मौजूद शोध केन्द्रों को भी प्राथमिकता देने की जरूरत बताते हुये कहा कि चिकित्सा शिक्षा के पाठ्यक्रम को निरंतर अपडेट किया जाना चाहिए . नायडू ने विश्वास व्यक्त किया कि एम्स द्वारा विकसित पाठ्यक्रम देश में मौजूद विभिन्न एम्स और अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी अपनाये जायेंगे. उपराष्ट्रपति ने 46वें दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, शोध और अध्ययन के क्षेत्र में विशेषज्ञों और छात्रों को सम्मानित किया. इस दौरान एम्स के डा. ए के सत्या, डा. समीरा नंदी, डा. कमल बख्शी और डा. जी गोपीनाथ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया.
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