Baggage Rules 2026: विदेश से गहने लाना हुआ आसान, अब कीमत नहीं वजन पर मिलेगी टैक्स छूट

Baggage Rules 2026
Baggage Rules 2026: विशेषज्ञों का मानना है कि गहनों पर वजन आधारित छूट से कस्टम प्रक्रिया आसान होगी और यात्रियों का तनाव घटेगा. कोलिन शाह और आरती रामलिंगम के अनुसार, यह बदलाव न केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि भारतीय रत्न एवं आभूषण बाजार और निर्यात को भी नई मजबूती देगा.
Baggage Rules 2026: भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए बैगेज नियमों में बदलाव किया है. नए Baggage Rules, 2026 के तहत अब पर्सनल सामान, खासकर सोने-चांदी के गहनों पर ड्यूटी-फ्री छूट को बढ़ाया गया है. ये नियम 2 फरवरी 2026 से लागू हो चुके हैं. सरकार का मकसद कस्टम्स की प्रक्रिया को आसान बनाना, ई-डिक्लेरेशन को बढ़ावा देना और एयरपोर्ट व सीपोर्ट पर यात्रियों को जल्दी क्लियरेंस देना है. इसके अलावा, अब रोजमर्रा की जरूरतों के अलावा पर्सनल सामान को अस्थायी रूप से लाने और वापस ले जाने (री-इम्पोर्ट) की सुविधा भी दी गई है.
गहनों पर कितनी छूट मिलेगी?
अब गहनों की छूट कीमत नहीं, वजन के आधार पर तय होगी.
- महिला यात्री: 40 ग्राम तक गहने ड्यूटी-फ्री
- अन्य यात्री: 20 ग्राम तक गहने ड्यूटी-फ्री
(ये छूट उन भारतीय मूल के यात्रियों और रिटर्निंग रेजिडेंट्स के लिए है, जो एक साल से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हों)
दूसरे सामान पर ड्यूटी-फ्री लिमिट कितनी?
गहनों के अलावा, अन्य निजी सामानों (जैसे गिफ्ट या इलेक्ट्रॉनिक्स) के लिए भी लिमिट बढ़ाई गई है.
| यात्री का प्रकार | टैक्स-फ्री सामान की लिमिट (रुपये में) |
| भारतीय निवासी (Indian Resident) | ₹75,000 |
| भारतीय मूल के पर्यटक (Tourist of Indian origin) | ₹75,000 |
| विदेशी नागरिक (Non-tourist visa) | ₹75,000 |
| विदेशी पर्यटक (Foreign Tourist) | ₹25,000 |
| क्रू मेंबर्स (Crew Members) | ₹2,500 |
ये नए नियम क्यों अहम हैं?
इन बदलावों से कस्टम्स पर लगने वाला वक्त घटेगा, यात्रियों को सहूलियत मिलेगी और आज के ट्रैवल ट्रेंड के हिसाब से नियम ज्यादा व्यावहारिक बनेंगे. खासकर गहनों के मामले में वजन आधारित छूट से लोगों को वापसी के वक्त कम परेशानी होगी. कामा ज्वेलरी के एमडी कोलिन शाह का कहना है कि बैगेज नियमों में ढील और हाल में रेसिप्रोकल टैरिफ घटकर 18% होने से जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी. अमेरिका जैसे बड़े बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है, जिससे इंडियन मैन्युफैक्चरर्स और एक्सपोर्टर्स का भरोसा बढ़ेगा.
वहीं एटर्न्ज की फाउंडर और सीईओ आरती रामलिंगम के मुताबिक, “नए नियमों से कस्टम्स आसान होंगे और गहनों पर वजन के हिसाब से छूट मिलने से यात्रियों को ज्यादा साफ-साफ जानकारी और कम तनाव रहेगा. विदेश से गहने खरीदकर घर लाने वालों के लिए ये सही दिशा में उठाया गया कदम है.”
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लेखक के बारे में
By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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