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मेरे साथ किया जा रहा आतंकियों जैसा व्‍यवहार, जानें, बाबा रामदेव ने ऐसा क्‍यों कहा ?

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्‍ली : योग गुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि की दवा 'कोरोनिल' को लेकर बुधवार को एक बार फिर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस किया और आलोचकों को करारा जवाब दिया. उन्‍होंने कहा, इस समय पूरी दुनिया में बवंडर फैल गया है. जब से पतंजिल ने कोरोना को लेकर दवा बना दी.

मीडिया में खबर चल रही है, कोरोना की दवा पर 'बाबा ने पलटी मारी'. 'पतंजलि ने यूटर्न लिया'. पतंजलि ने कोई अनुसंधान नहीं किया. पतंजलि फेल हुआ. योग गुरु ने गुस्‍से में कहा, कुछ लोगों ने तो स्‍वामी रामदेव की जात को लेकर, मेरे धर्म को लेकर, मेरे सन्‍यास को लेकर के और यहां तक की अलग-अलग प्रकार से एक गंदा एक वातावरण बनाने की कोशिश की.

उन्‍होंने कहा, ऐसा लग रहा है जैसे हिंदुस्‍तान के अंदर मानो योग-आयुर्वेद का काम करना कोई गुनाह है. सैकड़ों जगह एफआईआर दर्ज हो गयी. जैसे किसी देशद्रोही और आतंकवादी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती हैं और कुछ सिरफिरे लोगों ने तो बड़ी-बड़ी हेडलाइन चला दी. सोशल मीडिया में भी लोगों ने मुझे काफी भला-बुरा कहा.

बाबा रामदेव ने कहा, सोशल मीडिया में तो आज सभी एडिटर और मालिक हैं. सोशल मीडिया में तो लोगों ने यहां तक कह दिया कि स्‍वामी रामदेव जेल जाएंगे और आर्टिफिशियल जेल बनाकर उसके अंदर मुझे डाल दिया गया. कहा गया 7 दिनों के बाद स्‍वामी रामदेव जेल की सलाखों के अंदर होंगे.

बाबा रामदेव ने लोगों से पूछा, आखिर मैंने ऐसा क्‍या गुनाह कर दिया. ये जो पूरी मानसिकता है ये हमें कहां लेकर जाएगी. उन्‍होंने आगे कहा, स्‍वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्‍ण पिछले 35 वर्षों से देश की सेवा की है और एक सामान्‍य परिवार में जन्‍म लेकर यहां तक पहुंचे हैं. हमनें क्‍या किया? योग-आयुर्वेद को आगे बढ़ाया. अब कुछ लोगों को मिर्ची लग रही है योग, आयुर्वेद और भारतीय संस्‍कृति के उत्‍कर्ष से.

उन्‍होंने कहा, आपको अगर गाली देनी है तो रामदेव को दें. हम तो गाली प्रूफ हो चुके हैं. इतनी तो हमदर्दी तो रखना चाहिए जो कोरोना से पीड़ित हैं. कई बीमारियों से पीड़ित हैं. मैंने कई वर्षों से लोगों को एक स्‍वस्‍थ्य जीवन जिने की कला सिखायी है. 100 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्‍यक्ष रूप से मैंने योग और आयुर्वेद के जरिये एक स्‍वस्‍थ्‍य जीवन की दीक्षा दी है. मैं लोगों के स्‍वभाव में योग को सम्मिलित किया है. लेकिन वैसे लोगों के मंसूबे पर पानी फिर गया है जब आयुष मंत्रालय की पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन की दवा को हरी झंडी दे दी है. उन्‍होंने कहा, मंत्रालय के निर्देश के अनुरूप अब इसे पूरे भारत में बेचा जा सकता है.

गौरतलब है योग गुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने कोविड-19 के इलाज में शत-प्रतिशत कारगर होने का दावा करते हुए 23 जून को बाजार में कोरोनिल नाम की एक औषधि उतारी थी. जिसमें दावा किया गया कि इससे सात दिन में ही कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज किया जा सकता है.

लेकिन कुछ ही घंटे बाद आयुष मंत्रालय ने पतंजलि के कोरोना दवा में मौजूद विभिन्न जड़ी-बूटियों की मात्रा एवं अन्य ब्योरा यथाशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा. साथ ही, मंत्रालय ने विषय की जांच-पड़ताल होने तक कंपनी को इस उत्पाद का प्रचार भी बंद करने का आदेश भी दे दिया. बाद में पतंजलि के प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हमने नैदानिक परीक्षण के सभी मानदंडों को शत-प्रतिशत पूरा किया है और कंपनी ने दवाओं की संरचना का विस्तृत ब्योरा आयुष मंत्रालय को भेज दिया. उन्होंने कहा कि कंपनी की ओर से मंत्रालय को भेजे गए 11 पन्ने के जवाब में दवा और परीक्षण मंजूरी संबंधी पूरा ब्योरा उपलब्ध कराया गया है.

posted by - arbind kumar mishra

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