Water Crisis: 'हिमाचल प्रदेश रिलीज करेगा 137 क्यूसेक पानी', सुप्रीम कोर्ट के फैसले से दिल्ली को मिलेगी राहत
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Jun 2024 12:28 PM
Delhi water crisis
Water Crisis: सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए हिमाचल प्रदेश को 137 क्यूसेक अतिरिक्त जल छोड़ने का निर्देश दिया है. जानें कोर्ट ने और क्या कहा
Water Crisis: दिल्ली जल संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश को 137 क्यूसेक अतिरिक्त जल छोड़ने का निर्देश दिया और कहा कि हिमाचल प्रदेश द्वारा छोड़े गए अतिरिक्त पानी के प्रवाह को हरियाणा सुगम बनाने का काम करे.
दिल्ली जल संकट पर सुनवाई के दौरान शीर्ष कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार को पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए. कोर्ट की ओर से हिमाचल प्रदेश को सात जून को अतिरिक्त जल छोड़ने का निर्देश दिया गया है, साथ ही उसे हरियाणा को पहले इसकी जानकारी देनी होगी.

न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार को कोई आपत्ति नहीं है और वह उसके पास उपलब्ध अतिरिक्त जल छोड़ने को तैयार है.

पीठ की ओर से निर्देश दिया गया कि हिमाचल प्रदेश द्वारा छोड़े गए अतिरिक्त जल के प्रवाह को हरियाणा सुगम बनाए रखने में मदद करे ताकि जल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंच सके.

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार को पानी की बर्बादी नहीं करनी चाहिए. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि पानी पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 जून की तारीख तय की है. आपको बता दें कि शीर्ष अदालत दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी. इस याचिका में हरियाणा को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह हिमाचल प्रदेश द्वारा राष्ट्रीय राजधानी को उपलब्ध कराया जाने वाला अतिरिक्त जल छोड़े ताकि राजधानी में जारी जल संकट को कम किया जा सके.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में केंद्र, बीजेपी शासित हरियाणा और कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश को पक्षकार बनाने का काम किया गया था, साथ ही कहा गया है कि जीवित रहने के लिए पानी जरूरी है और यह बुनियादी मानवाधिकारों में से एक है.

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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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