Vande Mataram : कुछ लोग सोचते हैं कि चर्चा बंगाल चुनाव के कारण हो रही है, राज्यसभा में देखें क्या बोले अमित शाह
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 09 Dec 2025 1:37 PM
अमित शाह (Photo: PTI)
Vande Mataram : राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि चर्चा बंगाल चुनाव के कारण हो रही है. वीडियो में देखें और उन्होंने क्या कहा.
Vande Mataram : गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम् की जरूरत थी, और आज भी है जब देश 2047 में विकसित भारत बनने जा रहा है. कुछ लोग ‘वंदे मातरम्’ को पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनाव से जोड़ कर इसके महत्व को धूमिल करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ सांसदों ने लोकसभा में सवाल उठाए कि वंदे मातरम् पर चर्चा की जरूरत क्यों है? वंदे मातरम् पर चर्चा तब भी जरूरी थी, आज भी है, और 2047 के लिए हमने जो उज्ज्वल भविष्य सोचा है, उसके लिए आगे भी जरूरी रहेगी.
#WATCH | Union Home Minister Amit Shah says, "Some members raised questions in the Lok Sabha on the need for these discussions on Vande Mataram. The need for discussion on Vande Mataram, the need for dedication towards Vande Mataram, was important back then; it is needed now, and… pic.twitter.com/BXJukCsnDT
— ANI (@ANI) December 9, 2025
आगे अमित शाह ने कहा कि सच यह है कि वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम बाबू बंगाल से थे, आनंद मठ की शुरुआत भी बंगाल से हुई, लेकिन वंदे मातरम् न तो सिर्फ बंगाल तक सीमित है और न ही सिर्फ भारत तक. जब देश की सीमा पर कोई सैनिक या अंदर देश की रक्षा करने वाला कोई पुलिसकर्मी शहीद होता है, तो उसके अंतिम शब्द ‘वंदे मातरम्’ ही होते हैं.
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वंदे मातरम् का देश को स्वतंत्रता दिलाने में क्या योगदान…, जानें क्या बोले शाह
अमित शाह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को देश भक्ति, त्याग और राष्ट्र चेतना का प्रतीक बताते हुए सोमवार को कहा जो लोग इस समय इसकी चर्चा करने के औचित्य और जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपनी सोच पर नये सिरे से विचार करना चाहिए. शाह ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर उच्च सदन में चर्चा में भाग लेते हुए उम्मीद जतायी कि इस चर्चा के माध्यम से देश के बच्चे, युवा और आने वाली पीढ़ी यह बात समझ सकेगी कि वंदे मातरम् का देश को स्वतंत्रता दिलाने में क्या योगदान रहा है.
भक्ति और कर्तव्य के भाव जागृत करने वाली कृति है ये : शाह
शाह ने कहा कि लोकसभा में इस विषय पर कुछ लोगों ने यह प्रश्न उठाया था कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के प्रति समर्पण की जरूरत, जब यह बना तब थी, आजादी के आंदोलन में थी, आज भी है और जब 2047 में महान भारत की रचना होगी, तब भी रहेगी. शाह ने कहा कि यह अमर कृति ‘‘भारत माता के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य के भाव जागृत करने वाली कृति है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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