Vande Mataram : इस्लाम में अल्लाह के सिवा कोई खुदा नहीं, लोकसभा में बोले असदुद्दीन ओवैसी

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 09 Dec 2025 9:12 AM

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एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Photo: PTI)

Vande Mataram : एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा कि भारत को आजादी इसलिए मिली क्योंकि हमने देश और मज़हब को एक नहीं माना. उन्होंने वंदे मातरम् पर हुई विशेष चर्चा में कहा कि सरकार किसी पर इसे मानने का दबाव न बनाए. अगर जबरदस्ती की गई तो यह संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ होगा.

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Vande Mataram : AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि देशभक्ति को किसी एक धर्म या पहचान से जोड़ना संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है और इससे समाज में दूरी बढ़ेगी. लोकसभा में ‘वंदे मातरम के 150 साल’ पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, और इसे किसी धर्म, प्रतीक या पहचान से नहीं जोड़ा जा सकता. ओवैसी ने कहा कि संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग… से होती है, न कि किसी देवी-देवता के नाम से. उन्होंने दोहराया कि देशभक्ति को धार्मिक पहचान से जोड़ना गलत है और इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है.

वंदे मातरम् पर हुकूमत जोर-जबरदस्ती नहीं करे : ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि भारत में आजादी इसलिए आई कि हमने मुल्क और मजहब को एक नहीं बनाया. हुकूमत इस पर जोर-जबर नहीं करे, अगर जबरदस्ती करेंगे तो यह संविधान के खिलाफ है. ओवैसी ने कहा कि जिन्होंने जंग-ए-आजादी में हिस्सा नहीं लिया, आज वे वतन से मोहब्बत की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देशभक्ति दिखानी है तो गरीबी खत्म की जाए.

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वफादारी का सर्टिफिकेट हमसे मत लीजिए: ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि भारत में आजादी इसलिए आई कि हमने मुल्क और मजहब को एक नहीं बनाया. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या वे वंदे मातरम् को वफादारी का ‘टेस्ट बनाना चाहते हैं? उन्होंने वंदे मातरम् गाने या इसका उद्घोष करने के मुद्दे पर कहा कि हम अपनी मां की इबादत नहीं करते, हम कुरान की भी इबादत नहीं करते और इस्लाम में अल्लाह के सिवा कोई खुदा नहीं. एआईएमआईएम सांसद ने वतन-परस्ती को मजहब में तब्दील करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वतन मेरा है और हम इसे छोड़कर नहीं जाएंगे…वफादारी का सर्टिफिकेट हमसे मत लीजिए.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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